रेलवे स्टेशन पर 15 दिनों से ड्यूटी दे रहे थे 11 फर्जी टीसी, 3 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के सबसे सक्रिय रेलवे स्टेशन पर 15 दिनों से 11 फर्जी टिकट चेकर जिम्मेदारी निभा रहे थे. उन्हें यहां ट्रेन के आने का समय और उनका नाम-नंबर नोट करने की ड्यूटी दी गई थी। सफेद शर्ट और गहरे रंग की जींस पहनकर वह पिछले 15 दिनों से विभिन्न चरणों में जिम्मेदारी निभा रहा था। ट्रेन लोड होने के बाद जब उसका एक साथी टिकट चेक करने लगा तो यह रंगदारी उजागर हो गई। आरपीएफ और रेल लाइन कर्मियों ने इन 11 फर्जी टिकट चेकर्स को रेलवे पुलिस को सौंप दिया है. रेलवे डीसीपी हरेन्द्र सिंह ने बताया कि इस मामले में अभी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं अन्य युवकों की भूमिका को लेकर छानबीन चल रही है।

सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को रेल मार्ग अधिकारी रितेश वाधवा कानपुर शताब्दी पर उपलब्ध थे। ट्रेन जब गाजियाबाद पहुंची तो उन्हें एक व्यक्ति दिखाई दिया जो सचमुच टिकट देख रहा था। जब उन्होंने उससे पूछताछ की तो उसने अपना नाम भूपेंद्र चौरसिया बताया। उसने बताया कि वह टिकट चेकर है। शक होने पर उन्होंने नई दिल्ली रेल लाइन स्टेशन के प्रभारी देवेंद्र कुमार छाबड़ा को सूचना दी।

ट्रेन के आने से पहले उन्होंने इसकी सूचना आरपीएफ अधिकारी को दी और उस कोच के बाहर संयुक्त टीम तैनात हो गई। प्लेटफॉर्म पर आते ही उस शख्स को आरपीएफ ने उन्हें पकड़ लिया। गोरखपुर के रहने वाले भूपेंद्र चौरसिया के रूप में उनकी पहचान थी। उनके मोबाइल से एक नकली आई-कार्ड भी बरामद किया गया था।

जब आरपीएफ ने उससे पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि वह अकेला टिकट चेकर नियुक्त नहीं हुआ है। उनके साथ 10 अन्य टिकट चेकर भी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी कर रहे हैं। इसके बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर डीके दीक्षित की टीम ने हर एक स्टेज पर एक मिशन भेजा और 10 अलग-अलग युवाओं को साथ लिया. उनमें से एक बड़े हिस्से ने टीसी की तरह कपड़े पहने थे।

इनमें से कुछ युवकों के पास फर्जी आई कार्ड या फर्जी नियुक्ती पत्र थे। भूपेंद्र समेत तीन आरोपितों को रेलवे पुलिस ने पकड़ लिया। साथ ही अन्य दोषियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

शुरुआती जिरह के दौरान पुलिस को पता चला कि पकड़े गए युवक यूपी, पंजाब और हरियाणा के रहने वाले हैं। उनसे टीसी की नौकरी दिलवाने के नाम पर दो से तीन लाख रुपये लिये गये हैं। उन्हें बताया गया कि उनकी तैयारी नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर होगी। यही कारण है कि वह पिछले कुछ दिनों से यहां आकर ड्यूटी कर रहा था। पुलिस इस जबरन वसूली के पीछे के सूत्रधार तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।