बर्खास्तगी के बाद बोले डीपी जारौली , "पेपर आउट करवाने में राजनेताओं का सरंक्षण"

जयपुर। एसओजी की रिपोर्ट के बाद साबित हो गया है कि रीट पेपर लीक किया गया था। इस रिपोर्ट के बाद राजस्थान सरकार ने राजस्थान बोर्ड के अध्यक्ष डीपी जारौली को हटाने का फैसाल लिया है। बर्खास्तगी के बाद डीपी जारौली ने कहा कि रीट पेपर बिना राजनैतिक संरक्षण के लीक नहीं हो सकता है। पेपर लीक होने में बडे राजनेता शामिल हैं।
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक डीपी जारौली ने बर्खास्तगी के मामले पर कहा कि उन्हें इस बारे में कोइ जानकारी नहीं है। डीपी जारौली ने कहा कि वे इस मामले में सारी जानकारी मुख्यमंत्री को देने वाले हैं। बता दें कि बर्खास्तगी के बाद अब डीपी जारौली को कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है।

एसओजी की जांच करुंगा पूरा सहयोग
दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष जारौली ने कहा कि पेपर बिना किसी राजनैतिक षडयंत्र के लीक नहीं किया जा सकता। यह एक बड़ा राजनैतिक षडयंत्र है। और इस मामले में वे पूरी तरह से एसओजी का सहयोग करने के लिए तैयार हैं।
24 सितंबर की रात को शिक्षा संकुल में मौजूद होने के सवाल पर जारौली ने कहा कि वे उस रात शिक्षा शंकुल में मौजूद नहीं थे। उन्होंन बताया कि वे 23 सितंबर को अजमेर से सीएमआर आये और वहां से वापस अजमेर चले गये।
स्ट्रॉन्ग रूम में ड्यूटी पर तैनान लोगों के बारे में जारौली ने कहा कि रिटायर्ड प्रदीप पाराशर के अलावा शिक्षा संकुल में चार अतिरिक्त समन्वयक थे, जो शिक्षा संकुल के अधिकारी हैं और बड़े पदों पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा जो भी गिरफ्तार किये गये हैं उन्हें में नहीं जानता।
REET परीक्षा निरस्त पर दिया ये जबाव
रीट परीक्षा को निरस्त करने के सवाल पर जारौली ने कहा कि यह निर्णय सरकार को करना है। साथ ही उन्होने कहा कि पेपर शिक्षा संकुल से आउट हुआ, यह उनको पहले से ही पता था.