डिजिटल लेने देने में बरतें सावधानी, कार्ड की डिटेल नहीं करें, साझा, फील्ड स्तरीय वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम में प्रतिभागियों को दी जानकारी

संवाददाता शिवकुमार शर्मा
बूंदी


बूंदी, 22 अप्रेल। भारतीय रिज़र्व बैंक के वित्तीय समावेशन और विकास विभाग की ओर से शुक्रवार को फील्ड स्तरीय वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में भारतीय रिज़र्व बैंक के महाप्रबंधक मुकेश कुमार ने अपने सम्बोधन में प्रतिभागियों को डिजिटल लेन देन अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही डिजिटल लेनदेन के समय ध्यान में रखे जाने वाली जरूरी बातों, बरती जाने वाली सावधानियों एवं धोखाधड़ी में ग्राहक देयता के नियम के बारे में बताया। उन्होंने ऑनलाइन ठगी के लिए अपनाए जाने वाले नए नए तरीकों के बारे में बताते हुए बचाव के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि किसी को भी कार्ड की जानकारी नहीं बताएं। फर्जी ई-मेल तथा फोन काल्स के झांसे में नहीं आए, केवल आधिकारिक लिंक पर एप्स डाऊनलोड करें। उन्होंने प्रॉपर यूआरएल ब्राउजर के एड्रेस बार में टाइप करके ही वेबसाइट सर्च करने आदि सलाह दी। उन्होंने यह जानकारी अपने रिश्तेदारों, दोस्तों, पड़ोसियों तथा संपर्क में आने वाले सभी लोगों तक पहुंचाने का भी आग्रह किया।
कार्यक्रम में सहायक महाप्रबंधक हिम्मत सिंह राठौड़ ने प्रतिभागियों को एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने हेतु उपलब्ध योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही बैंकों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए ग्राहकों को उपलब्ध शिकायत निवारण प्रणाली के बारे में बताया। अग्रणी जिला अधिकारी श्री राकेश चन्द्र शर्मा ने प्रतिभागियों को मुद्रा प्रबंधन, नोट व सिक्कों का संचलन, स्वच्छ नोट नीति, नोट रिफ़ंड रूल्स आदि की जानकारी दी। उन्होंने बैंक खातों की मोबाईल सीडिंग, खातों में नामांकन सुविधा के महत्त्व से प्रतिभागियों को अवगत कराया।
बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय प्रबन्धक श्री मुकेश आनंद मेहरा ने व्यक्तिगत वित्तीय नियोजन और बचत के फ़ायदों, बैंकिंग प्रणाली से जुडने के लाभ, बैंक जमा हेतु उपलब्ध डीआईसीजीसी कवरेज, केवल औपचारिक वित्तीय संस्थानों से ऋण सुविधा प्राप्त करने, ऋण राशि का उत्पादक कार्यों में उपयोग करने, समय पर ऋण चुकौती का महत्त्व, क्रेडिट स्कोर जैसी महत्त्वपूर्ण अवधारणाओं के बारे में जानकारी दी। वित्तीय साक्षरता सलाहकार सुरेश कुमार गुप्ता ने सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं, बैंकों में उपलब्ध ऋण सुविधाओं तथा ऋण आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी दी तथा उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की बात कही।
कार्यक्रम में अग्रणी जिला प्रबन्धक अक्षय शर्मा ने बैंकों द्वारा संचालित जमा तथा ऋण योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया की बूंदी में 23 राइस मिल्स कार्य कर रही है, जिनका वार्षिक उत्पादन लगभग दो लाख टन है एवं टर्नओवर 1750 करोड़ है, कुल उत्पादन का लगभग 87 प्रतिशत निर्यात किया जाता है। साथ ही विभिन्न निवेश योजनाओं एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं यथा प्रधान मंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना ,अटल पेंशन योजना, पीपीएफ़ आदि के बारे में बताया।
वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने और विभिन्न बैंकिंग उत्पादों से संबंधित बुनियादी जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से वित्तीय समावेशन और विकास विभाग जयपुर द्वारा तैयार की गई प्रश्नावली से संबंधित लिंक साझा करते हुए उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे उक्त प्रश्नों को हल कर, लिंक पर इसे सबमिट करें। साथ ही प्रतिभागियों को प्रश्नावली का लिंक साझा करने के लिए कहा गया। प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों एवं संशयों का संतोषजनक समाधान भी कार्यक्रम में किया गया।
कार्यक्रम में एमएसएमई उद्यमी, एसएचजी सदस्यों तथा आरसेटी प्रशिक्षणार्थियों सहित लगभग 100 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर जिले के अग्रणी जिला अधिकारी राकेश चन्द्र शर्मा, भारतीय रिज़र्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक हिम्मत सिंह राठौर , बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय प्रबन्धक मुकेश आनंद मेहरा, जिले के अग्रणी जिला प्रबन्धक अक्षय कुमार शर्मा, नाबार्ड के जिला विकास प्रबन्धक राजकुमार, भारतीय स्टेट बैंक से मुख्य प्रबंधक राजेश कुमार, बड़ौदा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक आर. के बैरवा, बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान के निदेशक नरेंद्र कुमार सैन , सहायक अग्रणी जिला प्रबंधक, सुनील मालव उपस्थित रहे। राजीविका के जिला प्रबन्धक हेमराज बैरवा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।