दुर्लभतम जटिल, जीर्ण & कष्टसाध्य बच्चों के जीवन में नई उम्मीद पैदा कर रहा है बूंदी का पंचकर्म विशिष्टता कैंद्र
बूंदी 29 फरवरी। शहर के बालचंदपाडा स्थित राजकीय जिला आयुर्वेद चिकित्सालय बूंदी का पंचकर्म विशिष्टता कैंद्र बूंदी अपनी प्रभावी पंचकर्म चिकित्सा & त्वरित राहत के चलते देशभर के जटिल & कष्टसाध्य जन्मजात विकृतिजन्य दुर्लभतम रोगों से पीड़ित बच्चों के जीवन में आशा की नई किरण ला रहा है। चिकित्सालय प्रभारी & पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ सुनील कुशवाह ने बताया कि यहां मस्कुलर डिस्ट्रोफी,सेरेब्रल पाल्सी & जन्मजात विकृतिजन्य विकारों से पीड़ित 33 बच्चों का उपचार किया जा रहा है, जिससे कि उनके बीमारी के लक्षणों में काफी सुधार आ रहा है, जिससे कि उनके परिजनों के मन में उम्मीद की नई किरण पैदा हुई है।
इनमें से अधिकांश बच्चों का देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में लगातार उपचार कराने के बावजूद भी कोई प्रभावी राहत नहीं मिलने से परिजन निराश थे, लेकिन बूंदी आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुसार वृहंण चिकित्सा, सर्वांग अभ्यंग स्वेदन,शष्ठिशालि पिंड स्वेदन,यापना बस्ति,मात्रा बस्ति,शिरोधारा,लेप, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों & स्वर्णप्राशन औषधि आदि से काफी राहत मिल रही है। चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के क्रम में विश्वस्तरीय पंचकर्म उत्कृष्टता केंद्र/शोध संस्थान स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा मार्च 2021 में गांधीग्राम न्यूमाटूंडा रोड पर भूमि का आवंटन किया जा चुका है, जिस पर तत्कालीन विधायक अशोक डोगरा द्वारा विधायक कोष से 10लाख रूपए से बाउंड्री वॉल का निर्माण हो चुका है।
तत्कालीन बूंदी जिला कलेक्टर के निर्देशन में विश्वस्तरीय पंचकर्म एक्सीलेंस/शोध केंद्र बूंदी में स्थापित करने के लिए जून 2022 में 52 करोड़ के प्रस्ताव तैयार करके आयुर्वेद निदेशालय के माध्यम से राज्य सरकार को भिजवाये जा चुके हैं।इन प्रस्तावों को यथाशीघ्र स्वीकृति के लिए क्षेत्रीय सांसद & लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने फरवरी 2023 में आयुष शासन सचिव को निर्देश दिए थे, अगर ये प्रस्ताव मंजूर हो जाते हैं तो बूंदी में केरल की तर्ज पर उत्तर भारत का सबसे बड़ा विश्वस्तरीय पंचकर्म एक्सीलेंस सैंटर/शोध संस्थान स्थापित हो पायेगा, जिससे ऐसे हजारों दुर्लभतम जटिल & कष्टसाध्य बच्चों को राहत मिल पायेगी