बूंदी : जनता त्रस्त और सभापति शिलान्यास में व्यस्त भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब दे सभापति - मुकेश माधवानी नेता प्रतिपक्ष
ब्यूरो चीफ़ शिवकुमार शर्मा
बूंदी राजस्थान
बूंदी 16मई। नगर परिषद नेता प्रतिपक्ष मुकेश माधवानी ने आरोप लगाया कि उपसभापति और कांग्रेस पार्षदों एवं आयुक्त नगर परिषद के मध्य हुई शर्मनाक घटना के कारण आज नगर परिषद की हड़ताल को दूसरा दिन है सप्ताह में 5 दिन ही कार्य होते हैं जिसमें सरकारी छुट्टियां अलग से होती है उसमें हड़ताल होने से आमजन के सारे कार्य प्रभावित हो रहे हैं उन्होंने कहा कि जनता के कार्य करने के लिए तो नगर परिषद की हड़ताल करवा दी गई है लेकिन स्वयं सभापति शिलान्यास और उद्घाटन में व्यस्त हैं उनके पार्षद जेल में है और नगर परिषद आयुक्त समेत कार्यालय के सभी कर्मचारी हड़ताल पर है नगर परिषद में होने वाले दैनिक कार्य के लिए जनता परेशान हो रही है लोग निराश हो रहे हैं जबकि यह सभापति की प्राथमिक रूप से जिम्मेदारी बनती थी कि वह इस विवाद को बैठकर और समझाइश करती यहां तो उल्टा हुआ उस सभापति ने अपने चेंबर में अधिकारी को बुलवाकर उसके बाद का सारा घटनाक्रम बहुत ही शर्मनाक है माधवानी ने कहा पार्षदों की नाराजगी बिल्कुल जायज है भ्रष्टाचार पर जो आरोप उन पर लगाए गए हैं उनका प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब दिया जाना चाहिए की किस कर्मचारी ने भ्रष्टाचार की रिश्वत ली एवं अदानी को सरकारी जमीन कितने रुपए मैं के नियमों के तहत आवंटित की गई और कितनी जमीन 90 की गई और उससे कितना शुल्क लिया गया हम जनता के प्रतिनिधि हैं जनता में जो सवाल हैं और पार्षदों के जो सवाल है उनका जवाब देना सभापति का प्राथमिक कर्तव्य बनता है माधवानी ने कहा कि उन्होंने 22 मार्च को बोर्ड मीटिंग में जो आरोप सभापति के ऊपर लगाए थे उनके स्पष्टीकरण के लिए आयुक्त नगर परिषद बूंदी को 23 मार्च को पत्र भी लिखा था परंतु डेढ़ माह होने के बावजूद भी आयुक्त नगर परिषद बूंदी द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया जब बोर्ड के सदस्य को ही जवाब देना आयुक्त व सभापति उचित नहीं समझते तो जनता को क्या समझेंगे अगर वह गलतफहमी में हो तो निकाल देना चाहिए भ्रष्टाचार करेंगे तो उसकी सजा कोई भी अधिकारी हो कोई भी जनप्रतिनिधि हो उसको भुगतनी पड़ेगी अगर समय पर जवाब नहीं दिया गया तो इसकी उच्चस्तरीय जांच करवाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करवाई जाएगी सभापति महोदय को विभिन्न कार्यक्रमों में जाने से पहले नगर परिषद में चल रहे आंदोलन को आपसी समझाइश समाप्त कर जनता को राहत देनी चाहिए अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए