फर्टिलाइजर घोटाला मामले में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई दिल्ली में ED के सामने पेश हुए

जयपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशाोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत को आज दिल्ली में ईडी के सामने पूछताछ के लिए पेश होना पड़ा। दरअसल मुख्यमंत्री के भाई पर फर्टिजलाइजर यानि उर्वरकों को किसानो के बजाय अन्य कंपनियों को बेचने का ओरोप है। इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें दिल्ली आने का नोटिस दिया और अग्रसेन गहलोत सोमवार को पूछताछ के लिए ईडी के दिल्ली ऑफिस में पेश हुए। आगे भी ईडी उन्हें पूछताछ के लिए बुला सकती है। फिलहाल राजस्थान हाईकोर्ट ने अग्रसेन गहलोत की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है।
ये है पूरा मामला
दरअसल किसानों को सब्सिडी पर दिया जाने वाला फर्टिलाइजर को किसी कंपनी या अन्य फर्म को बेचा नहीं जा सकता इस पर पूर्णतय: प्रतिबंध है। अग्रसेन गहलोत के स्वामित्व वाली कंपनी इंडियन पोटाश लिमिटेड पर यह आरोप है कि उन्होंने फर्टिलाइजर्स की एक बड़ी मात्रा को दूसरी कंपनी ने लिए बेच दिया है। गहलोत की इस कंपनी ने 2007 से 2009 के बीच सस्ते दामों पर इस पोटाश वाला फर्टिलाइजर को खरीदा था और किसानों को देने के बजाय इसे दूसरी कंपनियों को बेचा।
पिछली साल ईडी ने मारा था छापा
अग्रसेन गहलोत की इस कंपनी पर ईडी ने पिछले साल छापा मारा था और केस उनके खिलाफ केस दर्ज किया था। यह उस समय की बात है जब राजस्थान में सचिन पायलट कांग्रेस सरकार से बगावत कर बैठै थे और गहलोत के कईं विधायकों को बाडे बंदी में रखा गया था। उस समय मुख्मंत्री ने इसे बदले की भावना बताया था।
पिछले साल ही ईडी ने अग्रसेन गहलोत के खिलाफ केस दर्ज किया था। पिछले साल जुलाई में अग्रसेन गहलोत के जोधपुर में फार्म हाउस और फर्मो पर ईडी ने छापेमारी की थी। यह छापेमारी पिछले साल उस वक्त हुई थी, जब सचिन पायलट खेमे की बगावत के वक्त कांग्रेस विधायक बाड़ेबंदी में थे। उस वक्त कांग्रेस ने बदले की भावना से कार्रवाई के आरोप लगाए थे।