आदि बद्रि परिक्रमा में परिक्रमा मार्ग बनाने की उठी माँग

डीग, आदि बद्री और कनकांचल पर्वतों को खनन मुक्त बनाने के राष्ट्र व्यापी आंदोलन के बाद प्रति वर्ष चलने वाली परिक्रमा 23फ़रवरी को प्रातः11बजे आदि बद्री से प्रारंभ हुई । यह यात्रा आदि बद्री आलीपुर गदरवास रूँध हयातपुर जटेरी टोडा चोर गढ़ी जटवास रूपवास ककराला डावक कैथबाड़ा धर्मशाला बाड केदार नाथ विलोंद धाऊँ बरौली पासोपा होकर अलीपुर बद्री वापस पहुँचेगी ।आज का विश्राम हयातपुर में रहा । दूसरा पड़ाव डाबक और तीसरा आदि बद्रि में रहेगा ।  यात्रा में महंत शिवरामदास,भूरा बाबा ,हरिबोल बाबा राधा कान्त शास्त्री सुनील सिंह सूबेदार शिवचरण सुल्तान सरपंच गुल्ले पहलवान चन्नी भगत रज्जो पुजारी लाखों रूपन शीतो सहित सैकड़ों ब्रजवासी सम्मिलित रहे ।

यात्रा में आंदोलन के दोरान शहीद हुए विजय बाबा के जयकारे लगाये जा रहे थे । जगह जगह नेतृत्व कर रहे लोग सरकार से माँग कर रहे थे कि सरकार विजय बाबा के बलिदान को देखते हुए उनकी भावना का सत्कार करते हुए शीघ्र ही आदि बद्रि की १४ कोसिय परिक्रमा को अविलंब बनवाये ।इस अवसर पर राधा कान्त शास्त्री ने स्मरण कराया कि मुख्य मंत्री भी आंदोलन के हिस्सा बने थे तथा ब्रज वसुंधरा के माहात्म्य को भली भाँति जानते हैं ।आशा है वे ब्रजवासियों की इस उचित माँग को गंभीरता से लेंगे और परिक्रमा मार्ग का शीघ्र निर्माण करायेंगे ।