अनियोजित विकास की भेंट चढ़े देवेंद्र आर्य, यूआईटी अधिकारियों पर दर्ज होना चाहिए हत्या का मुकदमा: गुंजल
कोटा 19 नवंबर। पूर्व विधायक व कोटा उत्तर से भारतीय जनता पार्टी प्रत्याशी प्रहलाद गुंजल ने कहा कि जहां अनियोजित विकास के चलते शहर के सैकड़ो लोग अपनी जान गंवा चुके हैं वही आज देवेंद्र आर्य भी है अनियोजित विकास की भेंट चढ़ गए हैं । गुंजल ने कहा कि रिवर फ्रंट पर घंटे को लेकर मंत्री धारीवाल सहित प्रशासनिक अधिकारियों व यूआईटी के अधिकारियों ने पिछले कई महीनो से दबाव बना रखा था की चुनाव से पहले इस घंटे को पूरा किया जाए।
जबकि इसके मुख्य निर्माता देवेंद्र आर्य हमेशा ही नियमानुसार काम करने की बात करते रहे हैं परंतु मंत्री शांति धारीवाल व यूआईटी अधिकारियों ने अपनी जिद्द के चलते चुनाव से पहले घंटा लगाने का दबाव उन पर बनाया उसी का परिणाम है कि आज देवेंद्र आर्य को हमने खो दिया है । और यह हम ही नहीं कह रहें उनके पुत्र ने भी आरोप लगाया है की निरंतर उनके पिता पर मंत्री धारीवाल सहित यूआईटी के अधिकारियों का दबाव था जबकि वह इसको निर्धारित समय सीमा के अनुसार पूरा करना चाह रहे थे परंतु मंत्री धारीवाल व यूआईटी के अधिकारी चुनाव से पूर्व इस काम को चाह रहे थे इन्हीं के दबाव के चलते आज देवेंद्र आर्य कोटा में घंटे को खोलकर लटकाने का कार्य कर रहे थे इसी दौरान दुर्घटनाग्रस्त होकर उनका निधन हुआ है जो हमारे लिए अपूर्णीय क्षति है मैं मांग करता हूं जिला कलेक्टर महोदय से और मुख्यमंत्री से यूआईटी के अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए । घटना हमारे लिए दुखद और तो है ही पर मंत्री की जिद्द ने प्रदेश के ऐसे व्यक्तित्व को खोया है जिसकी पूर्ति कभी भी संभव नहीं है।