Kota : कोटा वासियों को आराधमूभूत सुविधा उपलब्ध होः- संदीप शर्मा
ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान
लोक लुभावन बजट से प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है सरकार
कोटा 15 फरवरी ,विधायक संदीप शर्मा ने राजस्थान विधानसभा में कोटा व प्रदेश की समस्याओं को सदन में उठाया और कोटा में लोगों को आधारमूलभूतः सुविधा उपलब्ध करवाने की सदन के माध्यम से मांग की। विधायक ने सदन में कहा कि सरकार व जिम्मेदर अधिकारीयों की घोर लापरवाही के कारण व मुख्यमंत्री जी कि अनभिज्ञता के चलते उस दिन को राजस्थान विधानसभा का काला अघ्याय बना दिया। आजादी के बाद देश के किसी राज्य में ऐसी भीषण लापरवाही नही हुई होगी जबकी बजट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज की गापनीयता भंग हुई हो। मुख्यमंत्री जी द्वारा पुराने बजट का वाचन पूरे देष में उपहास का केन्द्र बिन्दु बना। इस घटना से हमारी तथा पूरे प्रदेष की किरकिरी समस्त देष में बडे स्तर पर हुई। राजस्थान प्रदेष इस क्षति को कभी पूरा नही कर सकता। आपकी इस गल्ती से हम सभी प्रदेष वासीयों के सर शर्म से सार हो गये। पेष किया गया बजट तो वैसी ही था जैसी हमे और बुद्विजीवी वर्ग को राजनैतिक विषलेषकों को जैसी अपेक्षा थी। यह पूर्णतः झूठी घोषणाओ का चुनावी बजट था। आपका बजट गली मोहल्लों में, पार्को में मंदिरों के चबूतरो पर, आॅफिस के गलियारो में, आम आवाम में चहुं ओर सम्पूर्ण राजस्थान में असमंजस और अतिषवसनीयता देने वाला बजट है। इस बजट को लेकर जनता जनार्दन पशोपेष में है कि आप कैसे इतने कम समय में इसे पूरा कर पायेगें। किसी भी देष या राज्य का बजट वहां कि सकल आय और उसके अनुपात में खर्चा हो इस भाव से बजट निर्धारण किया जाता है। ़ऋण कम से कम लिये जाये जिससे प्रदेषवायिो कके उपर कालान्तर में ऋण के बोझ तले अनावष्यक बोझ न आयें और देष- प्रदेष का स्वर्णिम व सुदृढ भविष्य भी निधारित हो। इस भाव के साथ उच्च कोटी के विचारवान राजनैतिक दल बजट का अवधारणा करते है। ऐसा ही लोककल्याण बजट 1 जनवरी को केन्द्र सरकार की विता मंत्री माननीय निर्मला सीतारमण जी देश के नाम प्रस्तुत किया । जिसमें सम्पूर्ण देश वासियों के सर्वागीण उत्थान के साथ नव भारत निर्माण, परिकल्पना वर्तमान की आर्थिक विषमताओं से देश को उबारते हुए आगे आने वाली पीढीयों को भी सुनहरे और मजबूत राष्ट्र प्रदान करने का दृढ इरादों वाला बजट देश को समर्पित किया है। आपके द्वारा जो बजट घोषणायें हुई है राजस्थान प्रदेष को 5 लाख 80 हजार करोड रूपयें के ऋणों से लाद दिया है । वास्तविकता में यह ऋण 6 लाख करोड से अधिक की स्थिति में हो जायेगा। राजस्थान के 1 परिवार को 7 लाख से अधिक ऋण आपकी वाह वाही के चुकाने होगें। यह आपके लोक लुभावन मनभावन बजट जिससे कि आप प्रदेष की जनता को गुमराह करना चाहते हो वो बहुत बडा दंड आपने प्रदेषवासियों को दिया है। आपने कोई आय के साधनों का सृजन नही किया आप सिर्फ लोगो पर प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष टैक्स लगाकर इस ऋण को चुकाओगें। आपके पास आये के साधन नर्गण्य है यानि आपके पास कमाई के साधन नही है। चिरंजीवी योजना में जो बजट घोषणा में इलाज की सीमा 10 लाख से बढा कर 25 लाख रूपय कर दी । इस बात की प्रदेश के समस्त मेडीकल एशोशियशन विरोध कर रहे है क्यूकि आपके द्वारा प्राईवेट चिकित्सा संस्थानों को समय पर चिरंजीवी चिकित्सा का भुगतान नही कर पाते जिसके परिणाम स्वरूप इस योजना में लोग प्राईवेट चिकित्सालय में इलाज नही करवा पायेगें। आपकी पुराने बजट की आधी से ज्यादा घोषणायें भी आप पूरी नही कर पायें है। आप सिर्फ जनता को गुमराह कर सकते है। जैसे 2018 के चुनावी वायदों में आपने किया था। लेकिन काठ की हांडी बार बार नही चढती वेैसे ही अब राजस्थान की जनता गुमराह होने वाली नही।
विधायक ने कोटा की बात करते हुए कहा कि कोटा में मिनी सचिवालय को लेकर सदन में आशवस्त किया गया था। आपके बजट में उसे नजर अंदाज कर दिया गया। आपके द्वारा गत वर्ष कोटा के.डी.ए बनाने की घोषण अभी तक पूरी नही हूई। कोटा स्थित तीनों डेम गांधीसागर, जवाहर सागर, और कोटा बैराज जिन्हें बने बरस हो गयें इंजीनियरों ने सरकार को आगाह भी कर रखा है। इनकी दीवारों में दरारें पड चुकी है ये कभी भी टूट सकते है इनकी मियाद और बाढ का सैलाब कोटा को डूबा सकता है सरकार का इस ओर कोई ध्यान नही है। सुपरस्पेशिलिटी विंग जो 150 करोड रूपयें की लागत से 4 साल से बन कर तैयार खडी है आप यहां सुपरस्पेशिलिस्ट चिकित्सक नही लगा पा रहे व नर्सिग स्टाफ नही लगा पा रहे है। पूर्वती भाजपा सरकार द्वारा चिकित्सा सेवा के विस्तार के लिये न्यू मेडीकल काॅलेज चिकित्सालय में द्वितीय तल का निर्माण करवाया गया। 3 वर्ष पूर्ण हो गये है इसका स्टाफ की कमी के चलते इसका लाभ लोगो को नही मिल रहा है। चंबल किनाने स्थित कोटा शहर में आप शुद्व पेय जल उपलब्ध नही करा पा रहे लोग प्लोराईड युक्त पानी पीने को मजबूर है। आज भी बजट के इंतजार में टूटी पाईप लाइन नही बदल पा रहे। जिसमें 40 प्रतिशत पानी लीकेज मे बह जाता है। जितना पैसा आपने कोटा के सोैदर्यीकरण में खर्च किया है उसके थोडे से अंश में मथुराधीश जी जो वल्लभ सम्प्रदाय की प्रथम पीठ का जीर्णो˜ार करा सकते थें। कोटा धार्मिक पर्यटन नगरी बनता लोगो को रोजगार मिलता कोटा वासी आपको धन्यवाद देते। राज्य सरकार द्वारा कोटा में एयरपोर्ट प्रारम्भ करवाने के लिये कोई प्रयास नजर नही आ रहा है। आपने 2018 का वायदा किसानो का कर्जा माफ करने का वो आज तक पूरा नही हुआ। आपके द्वारा बेरोजगार युवाओं को 3500 रूपय प्रतिमाह स्कोलरशिप देने का वादा अधूरा है। संविदाकर्मीयों को स्थाई नियुक्ति देने का वादा पूरा नही किया। सम्पूर्ण प्रदेश में 8 से 9 लाख संविदाकर्मी अलग अलग विभागों में कार्य कर रहे है। आपने उन्हें झून झूना पकडा दिया। आपने नियम बना दिया जिसके अन्र्तगत 9 लाख कर्मचारियों में से केवल 1 लाख आपके चहेतो को नियमित नियुक्ति देगें।