अनाधिकृत व विधि विरुद्ध तरीके से नाम हस्तांतरण चाह रहे धारीवाल:- गुंजल

सिवायचक व गैर मुमकिन आबादी किस्म की भूमि पर बना है नवरंग होटल

एडवोकेट मनीष शर्मा ने निगम को दस्तावेजों के साथ फिर दी आपत्ति

संवाददाता शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान

कोटा:- स्वायत्त शासन मंत्री के बहुचर्चित नवरंग होटल प्रकरण दिन प्रतिदिन कानूनी पेचिदगियों में उलझता जा रहा है। एक और जब पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने धारीवाल द्वारा नवरंग होटल के भूखंड संख्या 7 के 69ए/स्टेट ग्रांटएक्ट में पट्टे के आवेदन पर सवाल उठा यह कहते हुए पट्टे पर रोक लगाने की मांग की थी की प्लान एरिया में 69ए/स्टेट ग्रांटएक्ट कवर नहीं होता है। तो धारीवाल द्वारा पट्टे के आवदेन से पीछे हटते हुए 1956 के एक फर्जी विक्रय पत्र के आधार पर नाम हस्तांतरण व भू उपयोग परिवर्तन हेतु आवेदन कर दिया। नवरंग होटल प्रकरण में गुंजल ने मंत्री धारीवाल पर पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
गुंजल ने कहा कि धारीवाल अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अनधिकृत व विधि विरुद्ध तरीके से भूखंड का नामांतरण चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि उक्त प्रकरण में भूअभिलेख निरीक्षक लाडपुरा कोटा द्वारा निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश की गई तथा उसके अवलोकन के उपरांत माननीय न्यायालय द्वारा खंड गांवडी के खसरा नंबर 111 एवं आसपास की दीगर (अन्य) भूमि खसरा नंबर 101,102,103,104,107, 109,110 एवं ग्राम दोस्तपुरा की समीपवर्ती भूमि के संबंध में वर्तमान मौका स्थिति पुनः तलब किए जाने पर भूअभिलेख निरीक्षक लाडपुरा कोटा द्वारा दिनांक 27/1/2004 को मौका देखकर रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमे नवरंग होटल, फूलप्लाजा होटल बने हुए हैं। उपरोक्तानुसार उक्त राजकीय प्राधिकारियों, अधिकारियों तथा माननीय न्यायलय द्वारा प्रार्थी द्वारा आवेदित परिसर वाली भूमि सिवायचक व गैरमुमकिन आबादी प्रमाणित पायी गई हैं।
गुंजल ने कहा कि अब मंत्री धारीवाल को नैतिकता के नाते भूखंड संख्या 7 (नवरंग होटल) नगर निगम कोटा उत्तर को सोप देना चाहिए।

एडवोकेट मनीष शर्मा ने नवरंग होटल प्रकरण में दस्तावेज प्रस्तुत कर आपत्ति देते हुए उक्त भूखंड से संबंधित सभी आवेदनो को निरस्त कर नगर निगम कोटा उत्तर द्वारा प्रकाशित विज्ञप्ति दिनांक 27 मई 2022 के संबंध में अग्रिम कार्रवाई नहीं करने की मांग की है।