जयपुर। (मनोज गुर्जर) कांग्रेस आलाकमान ने पंजाब में सुलह करवाने के बाद अब राजस्थान की और रूख कर लिया है। राजस्थान में केबिनेट फेरबदल की चर्चायें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक राजस्थान में होने वाले फेरबदल में ना ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और ना ही पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट की चलने वाली है। बताया जा रहा है केबिनेट फेरबदल के मुद्दे पर आलाकमान ही अंतिम फैसला लेगा।
कुछ मंत्रीयों का कट सकता है पत्ता, पायलट कैंप को मिलेगी जगह
राजस्थान मे सियासी हलचल तब से तेज हो गई है जब से कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रभारी अजय माकन राजस्थान पहुंचे। दोनों ने शनिवार को देर रात तक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से उनके निवास पर फेरबदल को लेकर चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक जिन मंत्रीयों का रिपोर्ट कार्ड अच्छा नहीं रहा है उनसे मंत्री पद छीना जा सकता है। वर्तमान शिक्षामंत्री और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा से कोई एक पद छीना जा सकता है। वहीं पायलट कैंप के विधायकों में से महाराज विश्वेन्द्र सिंह, रानिवास गवारिया, मुकेश भाकर को मंत्री पद दिया जा सकता है। इसके अलावा पायलट गुट के विधायकों को कईं राजनीतिक नियुक्तियां दी जा सकती है। कैबिनेट विस्तार 28 जुलाई को किया जा सकता है। फिलहाल राजस्थान मंत्रीमंडल में 21 सदस्य हैं, और अभी 9 पद खाली हैं। अगर 9 पदों पर दावेदारी देखी जाये तो कम से कम 50 विधायक मंत्री पद की उम्मीद कर रहे हैं। कुछ निर्दयली विधायकों की नजरें भी मंत्री पद के लिए गढ़ी हुई हैं।
मंत्री पद की उम्मीद में बैठे विधायकों को अगर मंत्री पद नहीं मिलता है तो एक बार फिर से हमें राजस्थान में राजनैतिक भूचाल देखने को मिल सकता है।