शिवकुमार शर्मा
बूंदी |
राज्य सरकार द्वारा कृषकों एवं आमजन की समस्याओं का मौके पर समाधान करने तथा जनोपयोगी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए राज्य में गांधी जयन्ती 2 अक्टूबर से ‘‘प्रशासन गांवों के संग अभियान-2021 ‘‘ चलाया जाना है। जिला कलेक्टर आशीष गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि ’’प्रशासन गांव के संग’’ अभियान को अधिकारी गंभीरता और संवेदनशीलता से लें। इसके लिए अभी से पूरी तैयारी रखें। समस्याएं चिन्हित की जाएं। अभियान से पूर्व लगाए जाने वाले प्री कैम्प्स में क्षेत्र की समस्याओं और प्रमुख मुद्दों को चिन्हित कर आवश्यक दस्तावेज तैयार कराएं, ताकि शिविर वाले दिन प्रकरण का निस्तारण हो सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान किसानों और ग्रामीणों को उनके द्वार पर ही राहत देने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है इसलिए सरकार की मंशा के अनुरूप ही शिविरों में काम होना चाहिए। अभी से पूरी तैयारी रखने से ही अपेक्षित परिणाम आ सकेंगे।
अभियान के अन्तर्गत जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत के स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जाएगा अभियान में शामिल समस्त 19 विभागों द्वारा शिविरों में विभिन्न कार्यो को सम्पादित किया जाएगा। प्रशासन गांव के संग अभियान में अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभान्वित करने के लिए शिविर आयोजन पंचायत स्तर पर कार्यरत विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों यथा पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, कृषि पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आदि को शािमल करते हुऐ एक टीम बनायी जावें। उक्त टीम द्वारा शिविरों में सम्पादित किये जाने वाले कार्यो की संबंधित पंचायत द्वारा आमजन को जानकारी उनका व्यापक प्रचार-प्रसार एवं आवश्यक प्रार्थना पत्रों को तैयार करवाना है। उक्त टीम शिविर आयोजन दिनांक से एक दिन पूर्व इच्छुक जरूरतमंदों के प्रार्थना-पत्र, आवेदन-पत्र, दस्तावेज जो आवश्यक है उनको तैयार करवाने का कार्य करेगी तथा शिविर के दिन कैम्प स्थल पर एक हैल्पडेस्क स्थापित की जाकर ग्रामजन के प्रार्थना-पत्र तैयार करने में मदद करेगी।
अभियान में जुटेंगे 19 विभाग
‘‘ प्रशासन गांव के संग अभियान 2021‘‘ में 19 विभाग शामिल रहेंगे। ये विभाग हैं-राजस्व विभाग एवं उपनिवेशन विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भू-जल विभाग, कृषि विभाग, जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग, ऊर्जा विभाग (बिजली), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, सैनिक कल्याण विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, आयोजना विभाग, पशुपालन विभाग, श्रम विभाग, आयुर्वेद विभाग, सहकारिता विभाग एवं राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड, शिक्षा विभाग तथा वन विभाग। इन विभागों द्वारा शिविरों में कार्य सम्पादित करवाया जाएगा।