जयपुर। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने आज आज सुबह श्रीहरिकोटा से सबसे छोटा राॅकेट लाॅन्च किया है। इसे लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान यानि की एसएसएलवी (SSLV) कहते हैं। एसएसएलवी में दो सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजा गया है जिसमें एक पृथ्वी का अवलोकन करेगा वहीं, दूसरा सैटेलाइट जिसे 750 स्कूल की छात्राओं ने बनाया है। आइये यहां हम आपको एसएसएलवी (SSLV) के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं
इसरो ने पहली बार एक लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएसएलवी को लॉन्च किया जिसका उपयोग पृथ्वी की निचली कक्षा में उपग्रहों को तैनात करने के लिए किया जाएगा। स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए यह स्माल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल ;एसएसएलवी 750 स्कूली लड़कियों द्वारा निर्मित एक उपग्रह ले जा रहा है।
स्माल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल के आकार की बात करें तो यह 34 मीटर लंबा है। यानि की पीएसएलवी से लगभग 10 मीटर कम है। एसएसएलवी का व्यास 2 मीटर है। बता दें कि पीएसएलवी का व्यास 2.8 मीटर होता है। एसएसएलवी का लिफ्ट आॅफ मास 120 टन है जबकि पीएसएलवी का 320 टन है जो 1800 किलोग्राम तक के पेलोड ले जा सकता है। बता दें कि देश का पहला सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल जिसे 1980 में लॉन्च किया गया था वह 40 किग्रा तक के पेलोड को ले जाने में सक्षम था।