ब्यूरो चीफ कुमार शर्मा
बूंदी कोटा संभाग
मन चंचल है, ध्यान की सहायता से करें नियंत्रण - अतिरिक्त जिला कलक्टर
-मानस कार्यक्रम के तहत स्कूलों में हुए प्रेरणास्पद उद्बोधन
बून्दी, 6 सितंबर। जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की पहल पर विद्यार्थी जीवन में तनाव व अवसाद दूर करने एवं विद्यार्थियों में नैतिक शिक्षा, सामाजिक समरसता, कॅरियर निर्देशन व आत्मबल प्रदान करने तथा मादक पदार्थाे से दूरी रखने के उद्देश्य से शिक्षण संस्थानों में ‘‘मानस’’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चौगान गेट एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में ‘मानस’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बूंदी में आयोजित मानस कार्यक्रम में उद्बोधन देते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर करतार सिंह ने कहा कि मन चंचल है, उसे ध्यान की सहायता से नियंत्रण में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ध्यान के माध्यम से विद्यार्थी शारीरिक और मानसिक स्वस्थता हासिल कर सकते हैं। यही वह माध्यम से जिससे हर क्षेत्र में सफलता पाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी नशे से दूर रहे और अच्छे राष्ट्र का निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ ही हमें कर्तव्य के प्रति भी सजग होना चाहिए।
कार्यक्रम में बून्दी के उपखण्ड अधिकारी हेमराज परिडवाल ने विद्यार्थियों को प्रेरणास्पद उद्बोधन देते हुए बताया कि वर्तमान में छात्र जीवन अभिभावकों की महत्वाकांक्षाओं के कारण भी तनावग्रस्त हो गया। इसलिए नियमित योग प्राणायाम, मेडिटेशन, व्यायाम आदि द्वारा शरीर स्वस्थ रखते हुए नियमित रूप से अध्ययन करें। विद्यार्थियों में प्रतिभाओं के क्षेत्र अलग-अलग होते है। क्षमता व रूचि के अनुसार क्षेत्र चुनकर निरन्तर उसी लक्ष्य पर कार्य करें तो सफलता निश्चित प्राप्त होगी।
अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी चन्द्रप्रकाश राठौर ने कहा कि विद्यार्थी अपने कार्य के प्रति सकारात्मक सोच रखें। कार्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करें। सफलता पाने में सकारात्मक सोच का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने का कि ध्यान, योगा, प्रणायाम का नियमित अभ्यास करें। कोचिंग संस्थानों द्वारा वर्तमान में मानसिक तनाव युवा पीढ़ी में पैदा हुआ है, इसमें अभिभावकों का भी योगदान है, क्योंकि छात्र की क्षमताओं को नजरअदांज किया जा रहा है। आहार व विहार का भी तनाव में बहुत बडा रोल है। वैचारिक सोच भी अन्तर्गद्वंद पैदा करती है। मानव संसाधनों का समुचित सही दिशा में उपयोग होना ही विकास का रास्ता तय करेगा। इसी से देश व समाज आगे बढे़गा। इनोवेशन पर छात्रों को अधिक से अधिक से ध्यान देना चाहिए।
पं. बृजसुन्दर सामान्य चिकित्सालय बून्दी के मनोचिकित्सक, डॉ0 मोहम्मद जावेद ने विद्यार्थियों से वार्ता कर तनाव के कारण तथा तनाव होने पर उससे बचाव के उपायों के बारे में बताया। उन्होंने सरल व सटीक उदाहरणों से तनाव रहित जीवन जीने की कला के बारे में बताया।
पुलिस विभाग के अरविंद ने विद्यार्थियों को जाति, भाषा, लिंग आदि के भेदभाव को त्याग कर सामाजिक समरसता बनाये रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन से ही नियमों की पालना करने की प्रवृति विकसित करें। उन्होंने सोशल मीडिया को लेकर सतर्क रहने सलाह दी। साथ ही यातायात नियमों की पालना करने की बात कही। कार्यक्रम में चॉदनी वरयानी ने बच्चों को तनाव दूर करने की प्रक्रिया समझाई। इस दौरान भानु शर्मा, सुषमा यादव, स्कूल प्रचार्य मनीष कुमार निम्बेल मौजूद रहे।