मोदी सरकार ने अब खेल रत्न पुरस्कार का नाम 'राजीव गांधी' से बदलकर 'मेजर ध्यानचंद अवॉर्ड' किया

जयपुर। खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर दिये जाने वाले खेल रत्न पुरस्कार राजीव गांधी पुरस्कार का नाम अब बदलकर मोदी सरकार ने मेजर ध्यानचंद अवार्ड कर दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि यह फैसला लोगों की भावनाओं को देखकर लिया गया है। उन्हें प्रतिदिन इसके लिए अनुरोध मिल रहे थे। इस बात की जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक ट्वीट के माध्यम से दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि "मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल रत्न पुरस्कार का नाम रखने के लिए भारत भर के नागरिकों से कई अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं। मैं उनके विचारों के लिए उनका धन्यवाद करता हूं। उनकी भावना का सम्मान करते हुए, खेल रत्न पुरस्कार को मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहा जाएगा!"

25 लाख है प्राइज मनी
जानकारी के लिए बता दें कि राजीव गांधी पुरस्कार को 1991-92 में शुरू किया गया था और इस पुरस्कार के लिए खिलाड़ियों को 25 लाख रूपये की राशि प्रदान की जाती है। साथ ही एक प्रस्शस्ति पत्र दिया जाता है। अब इस अवार्ड को मेजर ध्यानचंद अवार्ड के नाम से जाना जायेगा।
कौन हैं मेजर ध्यानचंद
मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर कहा जाता है। हॉकी में मेजर ध्यानचंद का योगदान अविश्वसनीय योगदान रहा है। भारत में मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस 29 अगस्त को भारत के राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। बता दें कि मेजर ध्यानचंद ने अपने अपने आखिरी ओलंपिक में कुल 13 गोल किये थे। उन्होंने अपना आखिरी ओलंपिक बर्लिन 1936 में खेला था। वहीं एम्स्टर्डम, लॉस एंजेलिस और बर्लिन ओलंपिक कुल मिलाकर 39 39 गोल किए थे जिससे उनकी काबिलियत और क्षमता का पता चलता है।