अंहिसा एवं कौमी एकता सम्मेलन - देश की मजबूती के लिए अंहिसा और सर्वधर्म समभाव का आव्हान

कोटा, 29 फरवरी। शांति एवं अहिंसा विभाग के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय अहिंसा एवं कौमी एकता सम्मेलन गुरूवार को सिआम ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। संभागीय आयुक्त उर्मिला राजोरिया,   गांधीवादी विचारक पंकज मेहता, सांगोद प्रधान जयवीर सिंह अमृतकुआं, सीईओ जिला परिषद अशोक त्यागी ने कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों ने अहिंसा के मायने समझाते हुए अखण्डता में एकता के मंत्र के साथ देश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और राष्ट्र को अधिक सक्षम और समृद्ध बनाने का आह्वान किया। सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया गया।  

             
संभागियों को सम्बोधित करते हुए पंकज मेहता ने कहा कि आज वैश्विक पटल पर हिंसा की प्रवृत्ति बढ रही है लेकिन हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है। समाधान के लिए अहिंसा में विश्वास और इसे आत्मसात करना जरूरी है। गांधी ने अहिंसा का जो मंत्र दिया वह कायरता का नहीं बल्कि वीरता की पहचान है। हमें देश के विकास के लिए अहिंसा और कौमी एकता को मजबूती प्रदान कर इसे जीवन का अभिन्न अंग बनाना होगा। इस अवसर पर डॉ. चंचल गर्ग, डॉ. विवेक मिश्रा, श्रीमती हिमा गुप्ता, मनोरंजन सिंह सिकरवाल, प्रो. गुलाम रसूल खान ने कौमी एकता देश की सांस्कृतिक विविधता और एकता की विशद व्याख्या करते हुए संभागियों का आव्हान किया कि वे कौमी एकता, अंहिसा जैसे मूल्यों को आचरण में अपनाकर नये भारत का निर्माण करें।

राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखाकिंत किया गया। समापन सत्र में सर्वधर्म समभाव पर आधारित गीत तू ही राम है तू ही रहीम है की प्रस्तुति दी गई। संभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये। कार्यक्रम में मुख्य जिला शिक्षाधिकारी चारू मित्रा सोनी, गीता मीणा, एसीईओ मजहर इमाम, राजीविका परियोजना अधिकारी नेहा चतुर्वेदी एवं अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी तथा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आये संभागी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पुरूषोत्तम शर्मा ने किया।