तेजा दशमी पर थानक पर गूंजे अलगोजे, चढ़ाई झंडी काटी दस्सिया, दिन भर लगी दर्शनार्थियों की भीड़

शिवकुमार शर्मा
बूंदी |
बूंदी के प्रसिद्ध तेजाजी के थानको में शामिल अभयनाथ महादेव के पास स्थित वीर तेजाजी महाराज के मंदिर में तेजा दशमी पर दिनभर दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। लोगों ने तेजाजी महाराज को कच्चे दूध और लड्डू बाटी का भोग लगाया। मंदिर पुजारी सोहन लाल वर्मा ने बताया की नवमी को रात्रि 12 बजे चोमूका स्थित गणेश मंदिर पर झंडियों का मिलान कराने के बाद 10 मई को सुबह 4 बजे विधिवत पूजा अर्चना एवं भोग के साथ मेले की शुरुआत की गई। प्रातः 10 बजे मेघवाल मोहल्ला से तेजाजी की बिंदोरी (झंडी) निकाली गई जिसमें सभी क्षेत्रवासियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया, जो 12 बजे मंदिर परिसर पहुंची जहां विधिवत पूजा अर्चना के बाद झंडी चढ़ाने की रस्म अदा की गई।
दोपहर को मंदिर परिसर में तेजाजी गायन मंडली के कलाकार मोतीलाल सैनी, मूलचंद सैनी, परशुराम, हेमंत कुमार, प्रकाश वर्मा, सुनील सैनी, मेघराज, गोपी जी महाराज सहित अन्य ने जोरदार तेजाजी गायन की प्रस्तुतियां दी। इस दौरान मंदिर परिवार से जुड़े उदालाल गुर्जर, महावीर गुर्जर, राम प्रकाश सैनी, हेमंत सैनी, मोहन वर्मा, राजेश तिवारी, राहुल एवं अन्य कार्यकर्ताओं ने देह में आए ताखाजी महाराज के निर्देश पर दस्सीया कटवाई। बता दे की तेजाजी थानको की परंपरा अनुसार सांप या अन्य जहरीले कीड़े के काटने पर गले में धागे से बनी दस्सी बांधी जाती है जिसे तेजा दशमी के दिन मेले पर काटा जाता है। इसी क्रम में दोपहर को 52 लोगों की दस्सीया काटी गई। शाम को 7 बजे पुनः आरती के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए जहां क्षेत्र के गणमान्य एवं बुजुर्ग लोगों के सानिध्य में पूजा अर्चना कर मेले का समापन किया गया। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रही जिसको देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जवान तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था एवं कोरोना गाइडलाइन की पालना करवाई। इस दौरान क्षेत्र के सभी नव युवकों ने व्यवस्थाओं को बनाए रखने में अपना योगदान दिया।