जयपुर। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जो कि इन दिनों तीन दिवसीय यूएस दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बिडेन के साथ अपनी पहली व्यक्तिगत बैठक की जिसमें मोदीन ने भारतीय समुदाय से जुड़े कई मुद्दों को उठाया और उन पर चर्चा की है। इस चर्चा में एच 1 बी वीजा भी शामिल रहा जो भारतीय पेशेवरों के लिए बहुत जरूरी विषय है। प्रधानमंत्री के इस मुलाकात की जानकारी भारत के विदेश मंत्री हर्षवर्धन श्रृंगल ने दी है।
विदेश मंत्री के अनुसार प्रधान मंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन के साथ ओवल कार्यालय में अपनी पहली द्विपक्षीय बैठक को सार्थक रही है,और बताया कि इस बैठक से भारत और अमेरिका के संबध अच्छे होंगे और निकटता बढ़ेगी।
क्या है एच -1 बी वीजा
दरअसल अमेरिका का एच-1बी वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा है। ये वीसा अमेरिका कंपनियों में विदेशी लोगों जॉब के लिए अनुमति देता है। इस वीसा का सर्वाधिक प्रभाव भारतीयों पर पड़ता है। क्योंकि अमेरिका की कईं आईटी कंपनियों में हजारों भारतीय इस वीसा के माध्यम से जॉब करते हैं। चीन के भी हजारों पेशेवर इस अमेकिरा की कंपनियों के लिए काम करते हैं।
विदेश मंत्री श्रृंगला ने कहा कि "उन्होंने इस तथ्य के बारे में भी बताया कि यहां काम करने वाले कई भारतीय पेशेवर सामाजिक सुरक्षा में योगदान करते हैं। वहीं व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक तथ्य पत्र में बाद में कहा गया कि संयुक्त राज्य अमेरिका को 2021 में अब तक भारतीय छात्रों को रिकॉर्ड 62,000 वीजा जारी किया है और उन्हें इस बात का गर्व है। बता दें कि संयुक्त राज्य में लगभग 200,000 भारतीय छात्र अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सालाना 7.7 बिलियन अमरीकी डालर का योगदान करते हैं।