उत्तम तप धर्म पर- पंडित रिक्की जैन शास्त्री

ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
बूंदी कोटा संभाग

उत्तम तप धर्म पर- पंडित रिक्की जैन शास्त्री

बूंदी 7 सितंबर,
पर्युषण पर्व समिति-22 के द्वारा चल रहे दस दिवसीय पर्युषण पर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म पर पंडित रिक्की जैन शास्त्री ने धर्म सभा में कहा कि:-
तपस्या का उद्देश्य इच्छाओं और वासनाओं को नियंत्रण में रखना है। तप तीन तरह से होता है शारीरिक, शाब्दिक और मानसिक शारीरिक तप में आहार त्याग के साथ कम आहार, शाब्दिक तप वाक-संयम, अर्थात कोई अपशब्द बोले तो उस समय मौन रख लें, मानसिक तप मन की प्रसन्नता, शान्त भाव, भगवच्चिन्तन करने का स्वभाव, मन का निग्रह और अन्त:करण के भावों की भली-भाँति पवित्रता इस प्रकार यह मानसिक तप कहा जाता है..
दुष्ट और सांप: इन दोनों में सांप अधिक अच्छा है, क्योंकि सांप खतरा पाने पर एक ही बार डसता है, किन्तु दुष्ट व्यक्ति पग-पग पर डसता रहता है.
तितली उसके पंखों के रंग नहीं जानती है किन्तु मानव की आँखें पहचानती हैं कि वे कितने सुन्दर होते हैं। इसी प्रकार आप नहीं जानते कि आप कितने अच्छे हैं पर आपके मित्र जानते हैं कि आप उनके लिए कितने विशेष हैं..
लक्ष्य तक पहुंचना चाहते हो हुजूर समीक्षा दूसरों के बजाय स्वयं की कीजिये..
उप संयोजक संजय पाटनी ने बताया कि समाज की सहयोगी संस्था शुभकामना परिवार द्वारा आज लघु नाटिका प्रतियोगिता आयोजित हुई। कार्यक्रम के अतिथि समाज के उपाध्यक्ष प्रद्युम्न पाटनी, समाज के मंत्री सन्तोष पाटनी, शकुंतला बड़जात्या,निर्मला पाटनी,व सुमन बाकलीवाल ने दीप प्रज्वलित किया। उसके बाद संस्था द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया, चंद्रेश छाबड़ा एण्ड पार्टी ने मंगलाचरण कर कार्यक्रम की शुरुआत की । प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में पंडित रिक्की जैन, संतोष पाटनी,और सुनिता हरसोरा ने अपना निर्णय दिया।
लघु नाटिका में सुरेन्द्र छाबड़ा एण्ड पार्टी ने प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान गंगवाल एण्ड पार्टी ने और तृतीय स्थान अनिला पाटनी एण्ड पार्टी ने प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन रेणु बाकलीवाल ज्योति सेठी ने किया।
कार्यक्रम में पदम सेठिया, अनिता जैन, नेहा गंगवाल, राजेन्द्र कासलीवाल,पारस, छाबड़ा, मनीष पाटनी, रमेश गंगवाल, पारस पाटनी सहित अनेक समाज बंधु उपस्थित थे। अंत में संयोजक नवीन गंगवाल ने शुभकामना परिवार और सभी समाज बंधुओं का आभार व्यक्त किया।