Rajasthan : राजतिलक की तैयारी है, पर जंग अभी जारी है’ - आचार्य प्रमोद के ट्वीट ने फिर बढाई राजस्थान में बैचेनी
Jaipur: राजस्थान की कांग्रेस में राजनीतिक मुद्दों और नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा भले ही बंद हो गई हो, लेकिन एजेंडा लगातार आगे बढ़ रहा है. राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बाद कांग्रेस खामोश थी, लेकिन कांग्रेस नेता सचिन पायलट के करीबी माने जाने वाले आचार्य प्रमोद के एक ट्वीट ने फिर से राजनीति में अटकलों को हवा दे दी है.
आचार्य प्रमोद ने हाल ही में ट्वीट किया कि प्रशासन के समर्थन की तैयारी की जा रही है, लेकिन लड़ाई जारी है. प्रियंका गांधी के सलाहकार आचार्य प्रमोद के इस ट्वीट के बाद राज्य में चेहरा बदलने की अटकलों ने फिर जोर पकड़ लिया है और कयास लगने शुरू हो गए हैं कि राजस्थान में जल्द ही कोई बड़ा फैसला हो सकता है.
दरअसल, बुधवार को कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम का जन्मदिन है और इसी सिलसिले में भरतपुर के मंत्री अनिरुद्ध सिंह के पुत्र विश्वेंद्र सिंह ने ट्वीट कर बधाई दी, जिसे स्वीकार करते हुए आचार्य प्रमोद ने लिखा कि इच्छा पूरी करने का समय आ गया है। इस ट्वीट के बाद राजनीतिक पासपोर्ट को लेकर बवाल बढ़ता ही जा रहा है.
उधर, आचार्य प्रमोद ने सचिन पायलट को जन्मदिन की बधाई देते हुए जवाब दिया कि ताज की तैयारी हो रही है, लेकिन जंग जारी है, बहुत-बहुत धन्यवाद. आचार्य के इन दो ट्वीट के बाद राजनीतिक क्षेत्र में अलग-अलग व्याख्याएं शुरू हो गई थीं। मालूम हो कि समय-समय पर आचार्य गहलोत खेमे के विधायकों पर निशाना साधते रहते हैं. पूर्व में उन्होंने कोटा उत्तर के सांसद और यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल, राजस्थानी नेता, राहुल गांधी की यात्रा में शामिल नहीं होने के बारे में एक नकारात्मक तरीके से लिखा था कि "यह एक मंत्री है जो कहता था कि बड़े कानून नहीं होते हैं कुछ भी करो।" यह ट्वीट चर्चा में आया और कई लोगों ने इस पर अपनी राय रखी.
गौरतलब है कि आचार्य प्रमोद सचिन पायलट के फैन माने जाते हैं और वे कई बार पायलट को सीएम बनाने का समर्थन कर चुके हैं. इससे पहले पूर्व में जयपुर दौरे पर आए आचार्य प्रमोद ने कहा कि राजस्थान की सरकार बदलने का फैसला लिखित था, अभी तक सुना नहीं गया है.
इस बीच आचार्य प्रमोद समय-समय पर ट्वीट कर राजस्थान की राजनीति में विवाद खड़ा करते रहते हैं. आचार्य प्रमोद का कहना है कि सचिन पायलट की वजह से ही कांग्रेस ने 2018 में राजस्थान में वापसी की थी और उस दौरान पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, लेकिन अब राजस्थान में विधानसभा चुनाव में एक साल बाकी है, तो पायलट को सीएम बनाया जाना चाहिए.