Jaipur: राजस्थान में इस बार दिसंबर की सर्दी फरवरी के मौसम जैसा अहसास करा रही है। सुबह-शाम ठंड और दिन में तेज चटक धूप की गर्मी। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक आने वाले सीजन का यह सिलसिला ऐसा ही रह सकता है। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त रिपोर्ट पर गौर करें तो शहर में आज रात का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक चला गया है। पांच शहरों को छोड़कर बाकी सभी शहरों में आज न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले 7-8 दिनों तक ऐसा ही मौसम देखने को मिल सकता है। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी रिपोर्ट्स पर गौर करें तो जालोर, डूंगरपुर, जोधपुर, बाड़मेर, उदयपुर में आज रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक है। डूंगरपुर में कल न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे सर्द रात दर्ज की गई। भीलवाड़ा, कोटा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, बाड़मेर, पाली, जैसलमेर और डूंगरपुर में आज न्यूनतम तापमान में 1 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। हालांकि चूरू, हनुमानगढ़, पिलानी में तापमान में मामूली कमी आई है। चूरू में बीती रात न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
कल से राजस्थान के कई शहरों में तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। इसका कारण हल्के पश्चिमी प्रभाव का उभरना है जो उत्तरी भारत में सक्रिय है। इस प्रक्रिया के कारण उत्तरी हवा का आगमन रुक गया है, जो कल से फिर से चलेगी। इन हवाओं के कारण सीकर, भीलवाड़ा, कोटा, गंगानगर, बीकानेर सहित कई शहरों में अगले दो दिनों में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरेगा।
जलवायु वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय भूमध्य सागर में कोई प्रभावी प्रणाली नहीं है। यहां सिस्टम बनने से उत्तर भारत में बारिश और हिमपात होता है। क्योंकि इस समुद्र से पानी की हवाएं उत्तरी भारत से सीरिया, इराक, ईरान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान होते हुए जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, लद्दाख और उत्तराखंड पहुंचती हैं। इन हवाओं द्वारा बनाए गए बादल भारत के उत्तर में भारी बारिश और मानसून लाते हैं, क्योंकि भारतीय उपमहाद्वीप बहुत ठंडा है। इस समय अक्टूबर के बाद से ऐसा कोई मजबूत सिस्टम नहीं आया है, जिससे भारी हिमपात हुआ हो। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले 7-8 दिनों में उत्तर भारत के ऊपर किसी नए मजबूत सिस्टम के आने की कोई संभावना नहीं है। इसके लिए यह अनुमान लगाया गया है कि 20 दिसंबर तक राजस्थान और भारत के अन्य उत्तर और मध्य राज्यों में कड़ाके की ठंड नहीं पड़ेगी। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ से ही मानसूनी वर्षा (मावठ) होती है। लेकिन इस बार अब तक मावठ नहीं होने से किसानों को भी नुकसान होने की आशंका है।