मानसून सत्र के पहले दिन संसद में नारेबाजी, मोदी ने विपक्ष को बताया महिला विरोधी मानसिकता

जयपुर। संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो चुका है। आज 19 जुलाई से लेकर यह सत्र 13 अगस्त तक चलने वाला है। मानसून सत्र के शुरूआती दिन ही संसद भवन में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया, जिसके चलते लोकसभा और राज्य सभा की कार्यवाही को कल सुबह 11 बजे तक स्थगित करना पड़ा। दरअसल जैसे ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना भाषण शुरू किया वैसे ही विपक्ष के नेताओं ने बढ़ती मंहगाई, पेट्रोल—डीजल के बढ़ते दामों और कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के मुद्दो को उठाकर नारेबाजी शरू कर दी। प्रधानमंत्री अपने भाषण के दौरान नये मंत्रीमण्डल में शामिल हुए सांसदों को शुभकामनाएं दे रहे थे और उनका परिचय करवा रहे थे, इस दौरान भी विक्षप नेताओ ने हंगामा जारी रखा और प्रधानमंत्री नये मंत्रीयों का परिचय नहीं करवा पाये। विपक्ष के इस रवैये को लेकर मोदी जमकर बरसे और विपक्ष को महिला विरोधी मानसिकता वाला बता दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस इस बार मंत्रीमंडल में महिलाएं, दलित, गरीब, पिछड़े और किसानों के नेता मंत्री बने हैं और इस बात विपक्ष को पंसद नहीं आ रही है। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष के इस रवैये को लेकर कहा कि विपक्ष ने संसद की मर्यादा को तोड़ा है। हालांकि विपक्ष नेता शशि थरूर ने मोदी के इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को रचनात्मक चर्चा करने के बजाय कोरोना से निपटने की तैयारी, बढ़ती मंहगाई जैसे मुद्दो पर चर्चा करनी चाहिए तो ही संसद उचित ढंग से चल पायेगी। शशि थरूर ने कहा कि मोदी सरकार संसद को नोटिस बोर्ड की इस्तेमाल करना चाहती है जो मुमकिम नहीं है।