केदारनाथ पाराशर के नेतृत्व में चिन्तन बैठक हुईं
डीग, समता आन्दोलन की चिन्तन बैठक केदारनाथ पाराशर जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में कुम्हेर में हुई। जिस में समता आंदोलन के गठन, कार्य पद्धति, नीति पत्र, एट्रोसिटी एक्ट, आदि पर विस्तार से चर्चा हुई। जातिगत आरक्षण से आरक्षित वर्ग के वंचित, शोषित, पीड़ित लोगों का शोषण उसी वर्ग के धनाढ्य लोगों द्वारा किया जारहा है। यह गलत अफवाह फैलाई जा रही है कि समता आंदोलन आरक्षण के विरुद्ध काम कर रहा है ,जबकि समता आन्दोलन सभी वर्गों के वंचित लोगों के हक के लिए लड़ाई लड़ रहा है।
बैठक में लोक सभा व विधान सभा की आरक्षित सीटों पर दोहरी सदस्यता की भी मांगकर रहा है उस आरक्षित सीट पर सामान्य वर्ग को प्रतिनिधित्व भी मिले,जो 1961 तक की व्यवस्था में आरक्षित के साथ-साथ सामान्य वर्ग के प्रत्याशी को चुनाव लड़ने का हक था, उसे पुनः लागू किया जाए तथा आरक्षित सीट का निर्धारण रोटेशन से किया जाए जैसा कि पंचायतीराज में है।समता आन्दाेलन की विचारधारा का विस्तार ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
मंगतू राम शर्मा ने आरक्षण की पीड़ा को कविता के माध्यम से समझाने का प्रयास किया। इस अवसर पर भूदेव शर्मा, प्रकाश कटारा, लक्ष्मीकांत शर्मा, अशोक कुमार शर्मा,जयराम शर्मा, दिनेश सिकरोरी,सुनील कुमार, गोपाल प्रसाद, कपिल देव आदि लोगों ने अपने अपने विचार व्यक्त किए। समता आंदोलन की मुहिम को आगे बढ़ाने का भी वादा किया।
भूदेव शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त किया।