-नेहरू युवा केन्द्र द्वारा एड्स जागरूकता कार्यशाला आयोजित
बूंदी, 15 मार्च। नेहरू युवा केन्द्र, बूंदी, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राजस्थान स्टेट एड्स कण्ट्रोल सोसायटी, जयपुर के सहयोग से पेच ग्राउंड स्थित स्काउट भवन में एक दिवसीय आउट ऑफ स्कूल यूथ कार्यक्रम के तहत एच०आई०वी०/एड्स जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। विभिन्न अतिथियों, वक्ताओं व संदर्भ व्यक्तियों ने युवाओं को एड्स/एचआईवी संबंधी जानकारी दी एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित कर विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ. पी. सामर रहे। अध्यक्षता जिला युवा अधिकारी कशिश जेठवानी ने की। विशिष्ट अतिथि डिप्टी सीएमएचओ डॉ. कमलेश शर्मा व डॉ. सर्वेश तिवारी रहे। विषय विशेषज्ञ व संदर्भ व्यक्ति के रूप में एफसी प्रभा कश्यप, पीपीएम दीनदयाल कुमावत, काउंसलर मनीष कुमार गर्ग मंचासीन रहे।
एड्स से बचाव ही उपचार है:विशेषज्ञ
कार्यशाला में मुख्य वक्ता डॉ. तिवारी, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने संक्रमण के लक्षणों, कारणों व उपचार के बारे में बताते हुए कहा कि बीमारी से ग्रसित लोगों के प्रति सामाजिक भेदभाव, भ्रांतियों को दूर करना भी जरूरी है, इसके अतिरिक्त मादक औषधियों के आदी व्यक्ति के द्वारा उपयोग में ली गई सिरिंज व सूई का प्रयोग न करें, एड्स पीडित महिलाएं गर्भधारण न करें, साथ ही रक्त की आवश्यकता होने पर सुरक्षित रक्त के लिए एच.आई.वी. जांच किया रक्त ही ग्रहण करें एवं डिस्पोजेबल सिरिन्ज एवं सूई तथा अन्य चिकित्सीय उपकरणों को जीवाणुरहित करके ही उपयोग में लेवें, तथा दूसरे व्यक्ति का प्रयोग में लिया हुआ ब्लेड/पत्ती काम में ना लेंवें।
इन कारणों से होता है संक्रमण:-
कार्यक्रम में संदर्भ व्यक्ति काउंसलर गर्ग, पीपीएम कुमावत व कश्यप ने एच.आई.वी./एड्स संक्रमण के कारणों के संदर्भ में युवाओं से परिचर्चा की। विशेषज्ञों ने जानकारी देते हुए कहा कि एच.आई.वी./एड्स मुख्यतः चार कारणों से होता है-असुरक्षित यौन संबंधो, रक्त के आदान-प्रदान, संक्रमित्त सुई के उपयोग तथा माँ से शिशु में संक्रमण द्वारा आदि मुख्य कारण है। वर्तमान परिपेक्ष्य में अप्रशिक्षित झोलाछाप चिकित्सकों द्वारा इंजेक्शन का बार-बार प्रयोग भी इसमें उत्तरदायी है।