नन्दीशाला की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर गौसेवकों का जौरदार प्रदर्शन
राज्य सरकार के आदेश अनुसार हर जिले में नंदी शाला बने
नंदीशाला नहीं बनने पर धरना प्रदर्शन कर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
ब्यूरो चीफ शिव कुमार शर्मा
बूंदी राजस्थान
बूंदी 09 नवंबर, गोपाल गो सेवा संस्थान सचिव गोपाल माहेश्वरी के नेतृत्व में नन्दीशाला की मांग को लेकर गौसेवकों ने नारेबाजी कर जौरदार विरोध प्रदर्शन किया, सचिव गोपाल माहेश्वरी ने बताया कि निदेशालय गोपालन द्वारा बजट घोषणा वर्ष 2018-2019 के अन्तर्गत जिला स्तरीय नंदीशाला की स्थापना कर निराश्रित नंदी गौवंशो हेतु नंदीशाला जन सहभागिता योजना प्रारम्भ की गई थी ताकी बेसहारा नंदी गौवंशो के कारण किसानो कि
फसल बर्बाद न हो ,दुर्घटनाएँ ,जन धन हानि एंव गौवंशो कि हानि न हो जिसके तहत
संस्था को चयन करना ,अनुबंध पर हस्ताक्षर करना ,भूमि आंवटन कि कार्यवाही करना, कार्यकारी
संस्था का चयन किया जाकर नंदीशाला का निर्माण होना किया जाना था जो अभी तक नही हो पाया है।
साथ ही बताया कि जिला कलेक्टर कि अध्यक्षता में पशु क्रूरता निवारण समिति बनी हुई है जिसके उद्देश्य गौवंशो
का संरक्षण , घायल , असहाय पशु पक्षीयो के लिए भोजन पानी आवास उपलब्ध करवाना गौ अभ्यारण विकसित करना, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की पालना सुनिश्चित करना, ऐनिमल वेयर फेयर बोर्ड चैन्नई के निर्देश अनुसार कार्य करवाना आदि है परन्तु बेसहारा गौवंशो कि भारी बेकद्री हो रही है, बूंदी नगर परिषद होने के बाद भी स्वंय का कायन हाउस नही है ऐसे
में शहर में बेसहारा व निराश्रित गौवंशो का जगह जगह जमावडा लगा रहता है गोपाल गौ सेवा संस्थान व अन्य गौसेवक जिला कलेक्टर को कई बार ज्ञापन देकर व पूर्व में धरना, प्रदर्शन करके बडी गौशाला, जिला स्तरीय नंदीगौशाला बनाऍ जाने कि मॉग कर चुके है जिसको अभी तक पूरा नहीं किया गया है न ही इसके संबंध में कोई कार्यवाही कि गई है।
गौसेवकों ने ज्ञापन देकर राज्य सरकार के आदेशानुसार आगामी 10 दिवस में नंदीशाला की स्थापना हेतु भूमि चयन कर नंदीशाला कि स्थापना नही करने पर आगामी 21 नवंबर 2022 से
समस्त गौसेवक जिला प्रशासन के विरूद्ध धरना लगा कर विरोध प्रदर्शन करेगे , जिसकी सम्पूर्ण
जिम्मेदारी स्वंय जिला प्रशासन कि होगी।
इस दोरान गौपाल गौ सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रहलाद मीणा, लोकतंत्र गुर्जर, संजय शर्मा, संदीप देवगन, नन्दंसिह सोलंकी, हिम्मत सिहं हाडा, मधुसूदन यादव, सुरेश मेघवंशी, बलराम मीणा, कौशल यादव, भारतेन्दु मेहता, रामबाबू श्रृंगी, ओमप्रकाश मेघवाल, भवानीशंकर, शिवजी शर्मा , सुरज गुर्जर, रमेश सैनी आदि भारी संख्या में गौसेवक मोजुद थे.