संवाददाता शिवकुमार शर्मा
कोटा
कोटा 9 अगस्त 2021 सोमवार को कोटा उत्तर के पूर्व विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी कोटा देहात के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रहलाद गुंजल द्वारा कोटा जिले की इटावा पंचायत समिति क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया गया पूर्व विधायक द्वारा इटावा पंचायत समिति के गिरधरपुरा, बोरदा, हतौली, मदनपुरा ,सन्मानपुरा,तलाब गांव, खातोली आदि क्षेत्रों में जाकर बाढ़ पीड़ितों एवं आमजन की पीड़ा को सुना।
गुंजल ने बताया कि इटावा पंचायत समिति के इन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को लाखों-करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है, गरीबों के आशियाने उजड़ गए हैं बोरदा-गिरधरपुरा में तो लाइन से बस्तियों की बस्तियां मकान बाढ़ में बह गए, गिरधरपुरा गांव तो बाढ़ के कारण लगभग पूरा ही समाप्त हो गया है। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है फौरी-फौरी लीपा-पोती के अलावा इन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आमजन के बीच में पहुंच कर राज्य सरकार के किसी भी जिम्मेदार पदाधिकारी, अधिकारी तथा जिला प्रशासन की किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति हैं इन बाढ़ पीड़ितों की गंभीरता पूर्वक बात नहीं सुनी, न यहां पर कोई मैन टू मैन सर्वे हुआ और न ही बाढ़ पीड़ितों के नुकसान का जायजा कर उन्हें उचित मुआवजे की कोई ठोस बात कही गई है ।
गुंजल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इन क्षेत्रों में हालात यह है कि लोगों के खाने-पीने, ओढ़ने, बिछाने, पहनने सहित दैनिक जीवन के उपयोगी समस्त सामान मलबे में दब चुके हैं, किसानों के खेती से संबंधित सामान ,सरसों, सोयाबीन, लहसुन ,गेहूं आदि के बीज एवं उनकी उपज बाढ़ में बह गए हैं ।
इन बाढ़ पीड़ितों के दो वक्त के भोजन की व्यवस्था भी खातोली के हनुमान मंदिर में श्री गिरिराज धरण मित्र मंडल द्वारा और सन्मानपुरा, बोरदा, गिरधरपुरा आदि क्षेत्रों में स्थानीय ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से जुटाई है जिसमें जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार का कोई योगदान नहीं है।
गुंजल ने असंवेदनशील सरकार की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य सरकार एक सप्ताह के अंदर-अंदर इन बाढ़ पीड़ितों एवं डूब क्षेत्र के निवासियों के साथ क्या न्याय कर रही है, उनके नुकसान का क्या मुआवजा दे रही है ? यह स्प्ष्ट करें अन्यथा हम जनता को साथ लेकर राज्य सरकार के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष की स्थिति पैदा करेंगे, इसके लिए जिम्मेदारी राज्य सरकार की एवं प्रशासन की होगी।