शिवकुमार शर्मा
कोटा |
पौने तीन साल में शहर का जमीनी विकास अवरूद्ध, अनचाहे फलाईओवर व अंडरपास से लोगों को किया बेरोजगार - गुंजल
बंद करो...कानून व्यवस्था बहाल करो..., फलाईओवर बनाने में मंत्री व्यस्त, आम आदमी हो रहा त्रस्त...कमीशनखोरी का चक्कर चैराहे बन रहे घनचक्कर, सपने दिखाना बंद करो बदहाल सड़कें दुरूस्त करो। जैसे आम आदमी की पीड़ा को प्रदर्शित करते दर्जनों नारे लिखित तख्तियां हाथों में लिये सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कोटा उत्तर विधानसभा के बड़ी संख्या में बारिश के पानी में भीगते हुए आक्रोशित कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे।
कोटा उत्तर के पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के आह्वान पर कार्यकर्ताओं सुबह 11 बजे किशोर सागर तलाब स्थित नानादेवी मंदिर के बाहर एकत्रित हुए। इस बीच हुई भारी बारिश भी कार्यकर्ताओं के उत्साह को नहीं रोक पाई। और कार्यकर्ता बारिश के बीच भी वहीं डटा रहा। दोपहर 12 बजे कार्यकर्ता जुलूस के रूप में अग्रसेन चैराहा, महर्षि नवल सर्किल से होते हुए एमबीएस अस्पताल के सामने होते हुए जिला कलेक्ट्री पहुंचे। जहां रैली को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने गहलोत सरकार पर जनविरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था चरमराई हुई है, हालात यह है कि अब तो गुण्डे पुलिस चोकी में घुसकर फरियादियों पर हमला करने से भी नहीं चूकेंगे। कोटा शहर में विगत पौने तीन सालों में अपराधों की बाढ़ सी आ गई है। शायद ही कोई दिन गुजरता हो जब शहर में हत्या, लूट, बलात्कार, चोरी की घटनाएं नहीं होती हो। उन्होंने स्थानीय विधायक एवं सरकार के स्वायत्त शासन मंत्री पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में 27 हजार मतदाताओं को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से पत्र भेजकर केईडीएल को दस दिन में हटाने के सपने दिखाकर भ्रमित कर सत्ता हासिल की थी, परन्तु आज मिनी सचिवालय का सपना दिखाकर जनता का ध्यान केईडीएल से हटाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर शहर की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, वहीं 22 करोड़ रूपये की लागत से नयापुरा चैराहे पर निजी प्रोपर्टी को हेरिटेज लुक देने नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई को खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिन पूर्व ही सरकार ने नगरपालिका एवं नगर निगमों की संपत्तियों को बेचने का निर्णय लिया है, कहीं बृजटाकीज को भी खरीदने की तैयारी के चलते तो यह सौंदर्यीकरण नहीं किया जा रहा ? यदि ऐसा नहीं है तो इसे जनता के सामने भी स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में कोटा में आई भयंकर बाढ़ के पीड़ित आजतक सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। इस साल बाढ़ से पीड़ितों का तो अभी तक सर्वे ही नहीं हुआ है। ऐसा लगता है कि जनता को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है।
मंत्री बताएं आखिर बनाया क्या है?
गुंजल ने कहा कि मंत्री ने शहरवासियों को सपनों का शहर बनाने का सपना दिखाकर शहर का सत्यानाश करके रख दिया है। जिन अंडरपास और फलाईओवर के नाम पर मंत्रीजी वाहवाही लूटना चाहते हैं, उन पर स्मार्टसिटी के करोड़ों खर्च करने के बाद भी जनता को सहूलियत के बजाय और ज्यादा परेशान होना पड़ रहा है। एक चैराहे से दूसरे रोड़ पर जाने के लिए लोगों को एक से दो किलोमीटर तक घूमकर जाने को मजबूर होने के साथ ही भारी जाम में फंसने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आखिर मंत्रीजी जनता को यह बताएं कि उन्होंने करोड़ों रूपये लगाकर यह बनाया क्या है?
पूर्व विधायक विद्याशंकर नन्दवाना ने राज्य सरकार को हर मोर्चे पर असफल बताते हुए कहा कि इस सरकार से समाज का प्रत्येक तबका त्रस्त हो चुका है। किसानों का दस दिन में ऋण माफ करने का वादा करने वाली सरकार, बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों से हुए नुकसान की सुध लेने तक को राजी नहीं है।
जिला कलेक्टर को दिया ज्ञापन
प्रदर्शन के पश्चात एक शिष्ट मंडल ने पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम शहर की ज्वलंत समस्याओं को लेकर ज्ञापन भी प्रेषित किया।
इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष महेश विजयवर्गीय, पूर्व जिला महामंत्री रविन्द्र सोलंकी, पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सत्यभान सिंह, पूर्व पार्षद प्रतापभान सिंह, बृजेश शर्मा नीटू, पंडित अनिल औदिच्य एवं कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा समर्थि सभी वर्तमान एवं पूर्व पार्षद उपस्थित रहे।