आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में बहुत कुछ निर्देश दिया है। उनके माध्यम से सिखाया गया हर एक पहलू मनुष्य को जीवन में अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है। भले ही आपको उनकी नीतियां पसंद न हों, लेकिन उनके माध्यम से सिखाया गया हर अविवाहित पहलू जीवन में किसी न किसी तरह से इस तथ्य की ओर इशारा करता है। भागदौड़ भरी जिंदगी में आप उनके दिमाग को क्यों भूल जाते हैं, लेकिन अगर उन्हें ख्यालों में रखा जाए तो कोई कई तरह की परेशानियों से बचा रह सकता है।
आज हम आचार्य चाणक्य के उन विचारों से एक और अवधारणा की जांच कर सकते हैं। चाणक्य जी ने अपनी नीति में धन के संबंध में भी कई बातें बताई हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जाने-अनजाने में कोई न कोई ऐसी कई गलतियां कर देता है जिससे धन की देवी नाराज हो जाती हैं। फिर क्या हुआ अगर मेहनत के बाद भी मन नहीं भरता और फिर धीरे-धीरे घर में दरिद्रता आ जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं किन गलतियों से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।
1. धन का व्यय
आचार्य चाणक्य के अनुसार, जो लोग पैसे का दिखावा करते हैं और फिजूलखर्ची की चीजों में पैसा लगाते हैं, उन लोगों को मां लक्ष्मी कभी भी अपना लाभ नहीं देती हैं। चाणक्य जी कहते हैं कि जो व्यक्ति ऐसा करता है वह अपने विनाश की राह खुद चुन लेता है।
2. रसोई गैस पर झूठे बरतन रखने से
आचार्य चाणक्य के अनुसार रसोई गैस में कभी भी खाली और नकली बर्तन नहीं रखने चाहिए। चूल्हे को हमेशा साफ-सुथरा ही रखना चाहिए। चूल्हे पर साफ-सुथरा बर्तन रखने
से घर में सुख-शांति रहती है और समाज में सम्मान भी मिलता है। साथ ही मां
लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है। वहीं, चूल्हे पर खाली बर्तन रखकर छोड़ने
से घर में दरिद्रता का वास होता है। ऐसे लोगों के घर में कभी बरकत नहीं
होती।
3. शाम को झाडू लगाना
चाणक्य जी कहते हैं कि अगर आप सूरज निकलने के बाद घर में झाडू लगाते हैं तो मां लक्ष्मी भी नाराज हो सकती हैं। क्योंकि झाडू के भीतर लक्ष्मी जी का वास होता है। इसलिए सूर्यास्त के समय घर में झाडू लगाने के बाद माता निवास से निकल जाती है। अगर किसी कारण से आपको झाडू लगाना है तो घर की गंदगी घर के अंदर ही रख दें और फिर सुबह के समय उसे फेंक दें।
4. व्यवहार
चाणक्य जी के अनुसार बड़ों, छात्रों और महिलाओं का कभी भी अपमान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी उस निवास से दूर होती हैं। इसके साथ ही जिस घर में आए दिन झगड़े होते रहते हैं, जो लोग अपने माता-पिता को गाली देते हैं, वे लगातार पैसों के लिए तरसते रहते हैं। उन्हें न तो सुख मिलता है और न ही शांति।