बूंदी 16मई। गत गुरूवार को हुए आयुक्त व कांग्रेस पार्षदो के बीच हुए विवाद के बाद आयुक्त की रिपार्ट पर पार्षदो पर दर्ज हुए मुकदमे के बाद नगर परिषद कर्मचारियों की हड़ताल के द्वारा घटनाक्रम मे शामिल पार्षदों की गिरफ्तारी का दबाव बनाने के विरोध में मंगलवार को शहरवासी प्रदर्शन करते हुये बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आये।
शहर के विभिन्न वार्डो से आये सैकड़ो लोगो ने जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुये कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और जिला कलेक्टर के नाम उपखंड अधिकारी सोहनलाल को ज्ञापन सौपा। उन्होंने चेतावनी दी कि 7 दिवस में पार्षदों के विरुद्ध मुकदमा निरस्त कर आयुक्त के विरुद्ध मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो हजारों लोग जिला कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे। प्रदर्शनकारियो ने बताया कि उपसभापति और कंाग्रेस पार्षदो ने अपने वार्ड के विकास कार्यों के लिये आयुक्त को बुलाया था। आयुक्त ने मनगढ़ंत कहानी बनाकर झूठे मुकदमे दर्ज करवाये हैं। पार्षद अपने वार्ड की जनसमस्याओं और शहर में घूम रहे आवारा मवेशियों, बोरिंग व देवपुरा सड़क व अडानी को बेची गई भूमि को निरस्त करवाने के जनहित के मुद्दो पर आयुक्त से चर्चा करने व अपनी जिम्मेदारी का सही तरीके से निर्वहन करने की बात करने के लिए गए थै लेकिन आयुक्त नगर परिषद द्वारा पार्षदों के सवालों से तिलमिलाकर उन्होंने झूठे मुकदमे में फसा दिया। जबकि आयुक्त द्वारा दो दलित पार्षदों को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया। पार्षदों द्वारा आयुक्त के विरुद्ध परिवाद दिया गया था लेकिन प्रशासन ने द्वेषतापूर्ण एक तरफा कार्यवाही की है।
ज्ञापन मे उल्लेख है कि सात दिन में पार्षदों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे निरस्त नहीं किए गए तो बूंदी के हजारों व्यक्ति प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन करेंगे। क्योंकि प्रशासन और पुलिस इस मामले में दबाव में काम कर रहे है और घटनाक्रम मे शामिल पार्षद निर्दोष है और बूंदी के गणमान्य नागरिक है। पूर्व कांग्रेस नेता महबूब शेरवानी, व्यापारी किशनचंद एवरग्रीन, शाहिद हुसैन, गोलू, पूर्व पार्षद प्रेम प्रकाश गोचर, अलीमुद्दीन, सद्दाम भाई, शाहिद हुसैन, ईद मोहम्मद भाई, धन्ना लाल , चिराग भाई, शबाना, तस्लीम,शहजाद अंसारी, व अन्य कई लोग शामिल रहे।