Merry Christmas 2022 : इस तरह हुई थी क्रिसमस पर्व की शुरुआत; जानिए इस पर्व से जुड़ी कई दिलचस्प बातें

क्रिसमस अब पूरी दुनिया में बड़े परिष्कार के साथ मनाया जाता है। इस तरह इसे ईसाई धर्म में सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है और अब सभी धर्मों के लोग इसका लुत्फ उठाते हैं। क्रिसमस पार्टी की तैयारियां लोग महीनों पहले से ही शुरू कर देते हैं। वहीं कई लोगों के मन में एक सवाल हमेशा उठता है कि क्रिसमस 25 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है? ऐसे में आज हम आपको क्रिसमस से जुड़ी कई मजेदार बातें बताने जा रहे हैं.

प्रभु यीशु का हुआ था जन्म
 
क्रिसमस प्रभु यीशु के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। प्रभु यीशु (यीशु मसीह) को परमेश्वर का पुत्र कहा जाता है। ईसाई मान्यता के अनुसार प्रभु ईसा का जन्म 4 ईसा पूर्व हुआ था। उनके पिता का नाम यूसुफ और उनकी माता का नाम मरियम है। यीशू का जन्म एक गौशाला में हुआ था, जिसकी पहली खबर गडरिय सब को मिली थी और उसी समय एक तारे ने ईश्वर के जन्म की भविष्यवाणी को सत्य किया था।
 
यीशू ने 30 साल की आयु से मानव सेवा में जुट गए थे. वह घूम-घूम कर लोगों को उपदेश देते थे। हमारे प्रभु यीशु ने जो किया उसके कारण यहूदी धर्म के नेता क्रोधित हो गए और उनका विरोध करने लगे। एक दिन, हमारे प्रभु यीशु को रोमन गवर्नर के सामने लाया गया और क्रूस पर चढ़ाया गया। मान्यता के अनुसार ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाए जाने के बाद ईश्वर के चमत्कार से ईसा पुनर्जीवित हो गए और ईसाई धर्म की स्थापना हुई।

क्रिसमस डे मनाने की शुरुआत कब हुई थी?
 
ईसाइयों की पवित्र पुस्तक बाइबिल में हमारे प्रभु ईसा मसीह के जन्मदिन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। लेकिन इसके बावजूद हर साल 25 दिसंबर को उनका जन्मदिन मनाया जाता है। 25 दिसंबर की तारीख को लेकर कई मौकों पर कई विवाद हुए हैं। रोमन कैलेंडर के मुताबिक ईसा मसीह का पहला जन्मदिन 336 ईस्वी में 25 दिसंबर को मनाया गया था। कहा जाता है कि तभी से 25 दिसंबर को क्रिसमस मनाया जाने लगा। वहीं, कहा जाता है कि चौथी शताब्दी के मध्य में पश्चिमी देशों ने 25 दिसंबर को क्रिसमस डे के रूप में मान्यता दी। संयुक्त राज्य अमेरिका ने 1870 में क्रिसमस दिवस को एक संघीय अवकाश के रूप में घोषित किया।

क्रिसमस ट्री का इतिहास
 
क्रिसमस ट्री की उत्पत्ति हजारों साल पहले उत्तरी यूरोप में हुई थी। उस समय देवदार नामक वृक्ष की खोज कर यह पर्व मनाया जाता था। धीरे-धीरे क्रिसमस ट्री का चलन बढ़ने लगा। यह भी माना जाता है कि ईसा मसीह के जन्म के समय सभी देवता हरे-भरे वृक्षों की तलाश में थे। तभी से यह पेड़ क्रिसमस ट्री बन गया। क्रिसमस ट्री को कई चीजों से सजाया जाता है, जिसमें कई उपहार, लाइट्स, चॉकलेट और घंटियां शामिल हैं।

सांता क्लॉज की कहानी
 
सेंटा क्लॉज के बिना क्रिसमस का सेलिब्रेशन अधूरा सा लगता है। सांता क्लॉज की प्रचलित कहानी के अनुसार संत निकोलस का जन्म 6 दिसंबर, 340 ई. को हुआ था। कहा जाता है कि जब वह छोटे थे तभी उनके माता-पिता का देहांत हो गया था। जब वह बड़ा हुआ, तो वह एक पुजारी बन गया। उसे लोगों की मदद करना पसंद है। कहा जाता है कि वह रात में बच्चों को तोहफे देते हैं ताकि कोई उन्हें देख न ले। मान्यता है कि आगे चलकर यही संत निकोलस बाद में सांता क्लॉज बन गए।