होली स्नेह मिलन समारोह सम्पन्न

संवाददाता धर्मेन्द्र सुवालका
हिण्डोली बून्दी राजस्थान|

रंग पर्व होली के उपलक्ष में कस्बे में शनिवार रात को स्थानीय कवियों एवं कलाकारों द्वारा देव नारायण मन्दिर परिसर में आयोजित होली स्नेह मिलन समारोह फागोत्सव-2022 में क्षेत्र के कवियों ने हास्य कविताओं व चुटीले व्यंग्यों से दर्शको को खूब गुदगुदाया वहीं कलाकारों ने प्रस्तुत होली के गीतो व भजनों की रंगारंग प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया
कार्यक्रम की शुरुआत गायक सत्यनारायण राव द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना "म्हारा विघ्न हरो महाराज गजानन्द गोरी के नन्दा" से हुई तत्पश्चात परमेश्वर शर्मा ने होली के गीत "खेले बृज में लाल गुलाल राधे संग श्याम बिहारी"की प्रस्तुति दी कवि लोकेश नारायण शर्मा ने" फाटयो दूध जमे कोनी, गुरू बिन ज्ञान मिले कोनी", दुगारी के कवि किशन लाल कहार ने नशामुक्ति पर आधारित कविता "नशा नाश की जड़ है, फिर भी नशा करते हैं ,"कवि बाल कृष्ण भट्ट ने "माँ बाप के जीवन में कुछ है अजीब बातें निज बच्चों के खातिर क्या क्या नहीं कर पाते",सुनाकर दर्शको को भावविभोर कर दिया कोटा से आए कवि दिलीप सिंह हाड़ा "हरप्रीत" ने राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता दिलाने का पुरजोर अनुरोध करते हुए श्रिंगार रस का गीत "सुपना में आगी रे छोरी म्हारे लारां लागी रे" सुनाया। कवि अंजनी अलंकार ने हास्य व्यंग्य कविताओ से दर्शकों को खूब हंसाया।विष्णु शर्मा ने नानी की घड़ी मे चाबी व भ्रषटाचार पर आधारित कविताएं सुनाकर वातावरण हास्यमय कर दिया। संचालन कर रहे कवि एवं गीतकार कैलाश मयंक ने नेताओ द्वारा किए जाने पर म्हारा नेताजी सांसद में जूता चप्पल फाँक जी सुनाकर दर्शकों को खूब हँसाया। कवि जगदीश शर्मा ने भी कविताएं सुनाई कलाकार फूल चंद सैनी ने मीठे रस से भरियोड़ी राधा रानी लागे, राम लाल गुर्जर , मोहन पेंटर सहित कई कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राधेश्याम सुवालका, विशिष्ट अतिथि पूर्व प.स.सदस्य प्रभू लाल सेन, एडवोकेट अनिल गुर्जर थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि बाल कृष्ण भट्ट ने की एवं संचालन कैलाश मयंक ने किया कार्यक्रम से पूर्व स्थानीय कवियों व कलाकारों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम के संयोजक अंजनी अलंकार ने सभी का आभार व्यक्त किया।