महंगाई राहत केम्पों में लगे कप्यूंटर ऑपरेटर्स को चार माह बाद नहीं किया मानदेय का भुगतान
-108 ऑपरेटर्स के 29 लाख 16 हजार हैं बकाया, मिल रहे कोरे आश्वासन
बारां 31 अक्टूबर। राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा के बाद लगाए गए महंगाई राहत शिविरों में लगे कम्प्यूटर ऑपरेटरों को चार माह बीत जाने के बाद भी मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। मानदेय की मांग को लेकर सभी ऑपरेटर कार्यकारी एजेंसी और अधिकारियों के चक्कर लगाकर परेशान हो चुके हैं। लेकिन उन्हें कोरे आश्वासन ही मिल रहे हैं। यहां तक वे अपनी समस्या को लेकर खान एवं गोपालन मंत्री व मुख्यमंत्री तक को अवगत करा चुके हैं, फिर भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। यह पीड़ा मंगलवार को मेलखेड़ी रोड स्थित एक रिसोर्ट में आयोजित पत्रकार वार्ता में मैन पॉवर राजेश कुमार समेत पीड़ित कम्प्यूटर ऑपरेटर्स ने व्यक्त की। ऑपरेटर्स महेश गुर्जर, पुलकित चौरसिया, भूपेंद्र सुमन, प्रमोद सुमन, अनिल, धनराज रेगर, रवि वर्मा, रविंद्र, सोमेश, दिलकुश, अमनदीप, विशाल प्रजापति आदि ने बताया कि राज्य सरकार ने 24 अप्रेल से 30 जून 2023 तक सम्पूर्ण प्रदेश में महंगाई राहत केम्प लगाए थे। प्रत्येक केम्प में 2 कम्प्यूटर ऑपरेटर लगाने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार बारां जिले में यह कार्य ठेकेदार फर्म निष्ठा ट्रेडिंग कम्पनी को सौंपा गया। जिसके द्वारा मैन पॉवर के रूप में राजेश कुमार को नियुक्त कर शिविरों में सम्पूर्ण जिले में 108 कम्प्यूटर ऑपरेटर लगाए गए। जिन्होंने भीषण गर्मी व धूप में कार्य कर लोगों के कार्य किए। शिविर सभी उपखंडों में सम्बंधित उप जिला कलक्टर की निगरानी में आयोजित हुए। शहरी क्षेत्र में ये शिविर नगर परिषद एवं नगर पालिकाओं के अधीन लगे। मैन पॉवर राजेश कुमार ने बताया कि शिविरों के समापन के बाद से लेकर अब अक्टूबर माह भी बीत चुका है। लेकिन इन सभी 108 ऑपरेटर्स को मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है।
प्रतिदिन 500 रूपए था मानदेय-
फर्म द्वारा प्रत्येक ऑपरेटर को महंगाई राहत शिविर में 500 रूपए प्रतिदिन के हिसाब से लगाया गया था। जिनके 2 माह 6 दिन का मानदेय 29 लाख 16 हजार रूपए से अधिक है। ऑपरेटर्स ने जब वेंडर फर्म द्वारा समय पर मानदेय का भुगतान नहीं किया तो 27 जून 2023 को जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर समस्या से अवगत कराया। इसके बाद उपखंड स्तर पर 25 व 27 अक्टूबर को छबड़ा एवं बारां उप जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपे गए। इस बीच ऑपरेटर्स प्रतिनिधिमंडल खान एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया व विधायक पानाचंद मेघवाल से भी मिला और उनको पीड़ा बताई। जिन्होंने भी जिला कलक्टर को मानदेय भुगतान के निर्देश दिए। जब प्रतिनिधिमंडल 26 जुलाई को जिला कलक्टर नरेंद्र गुप्ता से मिला, तो उन्होंने 15 दिन में मानदेय भुगतान का आश्वासन दिया। इसके बाद भी कई बार ऑपरेटर्स जिला कलक्टर से मिले, लेकिन वे हर बार कोरे आश्वासन ही देते आ रहे हैं। फर्म से तकाजा किया जाता है, उसके द्वारा द्वारा कहा जाता है कि आगे से भुगतान नहीं किया गया है। जबकि सरकार द्वारा महंगाई राहत केम्पों की राशि प्रत्येक जिले को भिजवाई जा चुकी है। बावजूद इसके जिला प्रशासन द्वारा ऑपरेटर्स की मजदूरी के भुगतान में टालमटोल किया जा रहा है। जो समझ से परे है। पत्रकार वार्ता में जिलेभर से आए लगभग 35 ऑपरेटर्स मौजूद थे।
घर खर्च चलाना हुआ मुश्किल-
ऑपरेटर्स अब्दुल अजीज, जफर हुसैन, रामपाल गुर्जर, कुलदीप ओझा, शिशुपाल, धनराज व शिवम ने बताया कि उनको मैन पॉवर राजेश कुमार द्वारा ब्लॉक लेवल के सभी स्थाई केम्पों में लगवाया गया था। लेकिन वेंडर द्वारा भुगतान नहीं होने से सबका भुगतान अटका हुआ है। सवा दो माह तक काम करने के बाद आपरेटर बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। ऐसे में मानदेय का भुगतान नहीं होने से अब उन्हें घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। दीपावली त्योहार नजदीक है और उनके हाथ में पैसे नहीं है। ऐसे में उन्हें भारी निराशा के दौर से गुजरना पड़ रहा है।