अविश्वास प्रस्ताव से पहले इमरान ने देश किया संबोधित, बोले देश की संप्रभुता के लिए लड़ें

जयपुर। पाकिस्तान का प्रधानमंत्री इमरान खान ने अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने से पहले अपने देशवासियों को संबोधित किया और लोगों से देश की संप्रभुता की रक्षा करने सड़कों पर उतरकर "आयातित सरकार" के खिलाफ शांतिपूर्वक विरोध करने के लिए कहा।
इमरान ने कहा कि पाकिस्तान की सरकार को गिराने के लिए विदेशी ताकत कोशिश कर रही हैं। साथ ही उन्होनें विपक्षी दलों पर भ्रष्टाचार के मामलों से बाहर निकलने और पैसा बनाने के लिए उनके साथ हाथ मिलाने का भी आरोप लगाया।

मीडिया पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री इमरान ने अपने देश में सरकार के पतन पर मीडियाकर्मियों पर जश्न करने का आरोप करते हुए लताड़ा। कल रात राष्ट्र के नाम पर संबोधन पर कहा , "हमें पता चला कि अमेरिकी राजनयिक हमारे लोगों से मिल रहे हैं। उन्होंने विपक्ष पर खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनेताओं को भेड़ों की तरह खरीदा और बेचा जा रहा है। उन्होंने सरकार के पतन का "जश्न मनाने" का आरोप लगाते हुए देश के मीडिया को भी आड़े हाथ लिया।

पीएम खान ने कहा कि विदेशी ताकतें एक मिलनसार पीएम चाहती हैं और इसलिए वे उन्हें बाहर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राजनीतिक हालात को पाकिस्तान की संप्रभुता पर हमला बताया है. उन्होंने कहा, "हम 22 करोड़ लोग हैं। यह अपमानजनक है कि कोई बाहर से 22 करोड़ लोगों को यह आदेश दे रहा है।" बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करना "असंवैधानिक" था। इसने राष्ट्रीय सभा का पुनर्गठन किया और अध्यक्ष को एक सत्र बुलाने का आदेश दिया।