संवाददाता शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान|
भीषण गर्मी में भामाशाह मण्डी में बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे किसानों, पल्लेदारों, मुनीमों और अन्य मजदूरों की मांग को लेकर आज भामाशाह मण्डी बन्द के आव्हान के अनुरूप राजावत अपने समर्थकों के साथ मण्डी सचिव मांगीलाल जाटव के कार्यालय में जा धमके और उनसे कहा कि वे नहीं चाहते कि किसानों और मण्डी के अन्य श्रमिकों की रोजी रोटी का नुकसान हो। आनन फानन में पानी की व्यवस्था करने में जुटे सचिव जाटव ने उनसे आग्रह किया कि वे पर्याप्त पानी की उपलब्धता के लिए लगातार काम कर रहे हैं और 3 दिन में वे मण्डी के सभी वाटर कूलर व नवनिर्मित प्याऊ शुरू कर देंगे। उनके इस आश्वासन के बाद राजावत ने मण्डी जाम का आव्हान वापस ले लिया।
राजावत को मण्डी सचिव ने भरोसा दिलाया कि लगभग मण्डी परिसर में लगे हुए 25-30 वाटर कूलर जो बन्द पड़े थे उन्हें ठीक करवा लिया है वहीं 5-7 प्याऊ का निर्माण भी पूरा हो चुका है और इनसे पानी की सप्लाई शीघ्र ही प्रारम्भ हो जायेगी, आने वाले गेहूं की तुलाई के सीजन में मण्डी में आने वाले हजारों किसानों को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल मिल सकेगा। राजावत ने जाटव को कहा कि जब मण्डी प्रशासन किसानों से अरबों का राजस्व लेती है तो उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए क्यों भटकना पड़ता है, इस पर सचिव जाटव ने उन्हें बताया कि अब सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई शुरू होगी वहीं जनसुविधाओं के लिए किसी भी तरह का पैसा नहीं लिया जायेगा, यदि कोई संविदाकर्मी जनसुविधा के पैसे लेता है तो उसे नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। इस अवसर पर राजावत के साथ मण्डी के पूर्व निदेशक गोपेश मालव, पूर्व निदेशक मनीष बंकट, बजरंग दल के संयोजक रमेश राठौर, मालव समाज के पूर्व अध्यक्ष रमेश मालव, पल्लेदार एसोसिएशन के संगठन मंत्री राधेश्याम, उपाध्यक्ष देवलाल गुर्जर, किसान मोर्चा के महावीर सुमन, हम्माल संघ के बाबू खां, घुमंतु प्रकोष्ठ के घासी लुहार, विहिप प्रखण्ड संयोजक जीतेन्द्र खटीक, महिला मजदूर संघ की लीला बाई आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।