जयपुर। कांग्रेस नेताओं सहित कईं विपक्षी पार्टीयां पेगासस जासूसी मामले की जांच करवाने की मांग कर रही हैं। अब बिहार के मुख्यमंत्री और राजग के सहयोगी नीतीश कुमार ने सोमवार को पेगासस सॉफ्टवेयर मामले को लेकर इसकी जांच करवाने की मांग की है। बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार बीजीपे के साथ गठबंधन की सरकार चला रहे हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री ने मीडिया से रूबरू हो ते हुए कहा है कि , "वास्तव में एक जांच होनी चाहिए। हम इतने दिनों से टेलीफोन टैपिंग के बारे में सुन रहे हैं, इस मामले पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।" नितिश कुमार का कहना है कि कईं दिनों से लोग और विपक्ष पेगासस को लेकर सरकार को घेर रहें हैं और सदन में चर्चा करवाने के मांग कर रहे हैं तो यह जांच होनी चाहिए।
बता दें कि पेगासस विवाद पर विपक्ष संसद में चर्चा की मांग कर रहा है और उसके नेता रोज स्थगन नोटिस दे रहे हैं। सरकार ने कहा है कि पेगासस विवाद एक विपक्ष द्वारा भटकाने का मुद्दा है और इस पर सदन में चर्चा नहीं होगी। सरकार सदन में लोगों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।
याद दिला दें कि 19 जुलाई को मॉनसून सत्र शुरू होने के बाद से ही पेगासस स्पाइवेयर मुद्दा एक राजनीतिक विवाद में बदल गया है, जिसने लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को बाधित कर दिया है। और लगातार दो दिन तक सदन की कार्यवाही पूरी तरह से ठप्प रही थी।
गौरतलब है कि एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संघ ने बताया है कि 300 से अधिक भारतीय मोबाइल फोन नंबर्स का इजरायली फर्म एनएसओ के पेगासस स्पाइवेयर के माध्यम से ट्रैकिंग पर रखे गये थे। इनमें भारत के कईं नामी लोगों शामिल हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पूर्व चुनाव आयुक्त अशोक लवासा, मुकेश अंबानी जैसे कईं बड़े लोगों के फोन नंबर को निगरानी में होने की बात सामने आयी है।