22 मार्च को पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के आह्वान पर कोटा उत्तर महिला मोर्चा निकालेगा विशाल चंडी मार्च

संवाददाता शिव कुमार शर्मा
कोटा|

विगत दिनों राजस्थान विधानसभा में गृह विभाग की मांगों पर चर्चा करते हुए कोटा उत्तर विधायक एवं राज्य सरकार के स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने नारी शक्ति को अपमानित करने वाला जो बयान दिया उससे नारी शक्ति ही नहीं अपितु पूरा राजस्थान शर्मसार हुआ है। मंत्री जी ने सदन में जवाब देते हुए बताया कि पूरे देश में राजस्थान बलात्कार के मामले में नंबर एक पर है और उसके बाद उन्होंने हल्के व मजाकिया अंदाज में कहा कि "क्या करें यार वैसे भी राजस्थान तो मर्दों का प्रदेश रहा है" मंत्री के इस बयान ने पूरे राजस्थान को शर्मसार किया है। यह बात महिला मोर्चा की पूर्व शहर अध्यक्ष तनुजा खन्ना,नगर निगम कोटा उत्तर की भाजपा पार्षदों, पूर्व पार्षदों ने आज प्रेस वार्ता के दौरान कही।
तनुजा खन्ना ने नारी शक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि मंत्री जी का यह बयान नारी शक्ति के आत्मसम्मान को चुनौती है क्योंकि मंत्री बहन-बेटियों के साथ हो रहे बलात्कार, नन्ही-नन्ही बच्चियों के साथ हो रही दरिंदगी को मर्दानगी की नजर से देखते हैं किंतु मंत्री जी को यह भान नहीं है कि जब नारी शक्ति अपने आत्मसम्मान की रक्षा के खातिर मैदान में चंडी बनकर उतर जाती है तो इसका परिणाम क्या होता है। उन्होंने समस्त नारी शक्ति से आग्रह किया कि मंत्री के इस गैर जिम्मेदाराना बयान के खिलाफ पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल जी के आवाहन पर कोटा उत्तर महिला मोर्चा की अगुवाई में आगामी 22 मार्च को दोपहर 12:15 बजे उमेद क्लब से कलेक्ट्री तक विशाल चंडी मार्च निकालकर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस प्रदर्शन में समय पर पहुंचकर आपकी भागीदारी नारी अस्मिता के यज्ञ में आहुति होगी।
प्रदर्शन में मुख्य वक्ता पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल, राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती ममता शर्मा , अजमेर विधायक व पूर्व मंत्री श्रीमती अनिता भदेल, एवं पूर्व महापौर श्रीमती सुमन श्रृंगी होंगी ।
कोटा उत्तर भाजपा पार्षद व पूर्व पार्षदों ने कहा कि सरकार के एक मंत्री द्वारा विधानसभा में दिया गया निर्लज्जता से भरा कथन हम सबके सामने कुछ प्रश्न खड़े करता है कि *क्या महिलाओं के साथ दरिंदगी को मर्दानगी से जोड़ने वाले बयान से हम सब नारी के रूप में सहमत हैं *क्या ऐसे कथन विधानसभा के पवित्र पटल पर कहे जाने चाहिए *क्या यह समूची नारी शक्ति की अस्मिता को चुनौती नहीं है *क्या हमें इसका पुरजोर विरोध करना चाहिए या हमेशा की तरह मौन रहना चाहिए।
उन्होंने कहा हमारी सहिष्णुता को कमजोर मानने वाले धारीवाल जैसे मर्दों को अपनी शक्ति से परिचय कराना अब नितांत आवश्यक नहीं हो गया है।
पूर्व पार्षदों ने कहा कि राजस्थान की भूमि जो वीरता के लिए प्रसिद्ध रही है जहां पर महाराणा प्रताप से लेकर पन्नाधाय, हाड़ीरानी के इतिहास ने राजस्थान को वीरों की भूमि का दर्जा दिलाया ऐसे बलिदानी प्रदेश के जिम्मेदार मंत्री द्वारा लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर विधानसभा में महिलाओं के लिए इतनी हल्की भाषा का प्रयोग करने पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महामंत्री प्रियंका गांधी जो देश भर में लड़की हूं लड़ सकती हूं कि बात कहती फिर रही है वह महिलाओं व लड़कियों के अपमान के बाद मंत्री को बर्खास्त करने का साहस कर पायेगी ।
सभी ने कहा कि प्रदर्शन में हजारों की संख्या में महिलाएं शामिल होकर राज्य सरकार व मंत्री धारीवाल को यह संदेश देंगी कि अपने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए नारी को इस नाकारा सरकार पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही सभी ने कहा कि मंत्री को बर्खास्त करने की मांग को लेकर कोटा उत्तर की महिला मोर्चा की कार्यकर्ता हजारों की संख्या में चंडी बन कर सड़कों पर उतरेगी। प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर भाजपा महिला मोर्चा सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में घर घर जाकर महिलाओं से संपर्क कर रही हैं। प्रदर्शन में महिलाये वीरांगनाओं का रूप धारण करने के साथ ही कई महिला अखाड़े भी शामिल होंगे।
प्रेस वार्ता में पूर्व महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष तनुजा खन्ना, कोटा उत्तर भाजपा पार्षद मेघा गुर्जर, कुसुम सैनी,पूजा सुमन, पूजा केवट, पूर्व पार्षद हेमा सक्सेना, मधु कुमावत, धापू मेहरा,मीनाक्षी खंडेलवाल सहित पार्षद उपस्थित रहे।