नदी नालों पर पुलिया एवं सीसी सड़कों एवं पौधारोपण का प्रस्ताव शामिल करने के निर्देश
संवाददाता शिवकुमार शर्मा
कोटा
कोटा 28 अगस्त। भारत की आजादी 75 वी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में प्रधानमन्त्री ग्राम सडक योजना के अर्न्तगत सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के तहत कार्यशाला का आयोजन टैगोर सभागर में किया गया। जिसमें जनप्रतिनिधी एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता गण शामिल हुए।
सांगोद विधायक भरत सिंह कुन्दनपुर ने प्रधानमंत्राी ग्राम सडक योजना क्रियान्वयन में व दिषानिर्देर्षो में कमियों को दुर किये जाने के संबंध में सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क परियोजना के प्रस्ताव संकलित किये क्षेत्रीय सांसद के साथ जिला परिषद सदस्यों व पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों सरपंच आदि से भी चर्चा करने के उपरान्त प्रस्तावित किया जावें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरूआत भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा की गई थी जिससे ग्रामीण ईलाकों का सडकों के साथ विकास सम्भव हो सका हैं एवं भारत का नक्षा बदल गया हैं। सभी कार्यक्रमों में उनका भी जिक्र किया जाना सुनिष्चित किया जावे।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ग्राम सडक योजना किया जावे, इस योजना में राज्य का भी 40 प्रतिषत हिस्सा सडक के निर्माण के लिये व्यय किया जाता हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम सड़क योजना केे तहत स्वीकृत सडकांे पर स्थित नदी, नालों के कारण वर्षाकाल में मार्ग अवरूद्व हो जाते हैं, जिससे आम जनता को आवागमन मे परेषानी आती हैं। उन्होंने सडक निर्माण की स्वीकृति के साथ-साथ नदी नालों पर पुल, आर.सी.सी. पुलिया की स्वीकृति भी जारी करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जिले में 500 तक की आबादी वाले गावों को सड़क से जोडा जा चुका हैं, 500 से कम आबादी वालें षेष 40 गांवों केा जोडे जाने के प्रस्ताव सांसद के अनुरोध कर भिजवाये जाये। उन्होंने वन क्षेत्र में 500 से अधिक आबादी वाले 5 गांवों को भी सड़क से जुड़वाने अनापत्ति के लिए सांसद से प्रयास किये जाने का सुझाव दिया। उन्होंने परियोजना के अर्न्तगत स्वीकृत/निर्मित सड़कों के किनारे वृक्षारोपण का प्रावधान निर्माण की स्वीकृति के साथ ही जारी करवाये जाने का सुझाव दिया गया।
उन्होंने कहा कि ग्राम सड़कों के निर्माण में प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग व सेलफिल कोंक्रीट के उपयोग कर इसकी जानकारी स्थानीय विधायकों को भी दी जानी चाहिये। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक वेस्ट को उपयोग लिये जाने लायक बनाये जाने के लिए ईकाईयो का निर्माण राजस्थान में ही करवाया जाना चाहिये जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सके एवं स्थानीय थैली बीनने वाले लोगो को इसका लाभ प्राप्त हो सकें। उन्होंने घर-घर नल योजना में कनेक्षन दिये जाने के दौरान सडकों की कटिंग में मषीन का उपयोग किये जाने का सुझाव दिया गया जिससे सडके कम चौडाई में क्षतिग्रस्त हो एवं आवागमन में असुविधा न हो।
कार्यशाला में अतिरिक्त मुख्य अभियंता सुरेष कुमार बैरवा ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के विषय में संक्षिप्त जानकारी दी। अधीक्षण अभियंता राजेष कुमार सोनी ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना अर्न्तगत प्रस्तावों,ं दिषानिर्देषो व क्रियान्वन की विस्तृत जानकारी। अधिषासी अभियन्ता राममंजमण्डी मनोज माथुर सेल फिल कांेक्रीट के विषय में तकनिकी जानकारी तथा अधिषासी अभियन्ता सागोंद कमल कुमार षर्मा ने प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग कर सडक निर्माण की जानकारी प्रदान की गई।
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