पीएम केयर्स फंड नहीं है सरकारी फंड, इसे किसी कानून के द्वारा नहीं बनाया गया: पीएमओ

जयपुर। पीएम केयर्स फंड से संबधित दायर एक याचिका के जवाब में पीएमओ के अवर सचिव ने आज कोर्ट में एक हलफनामा पेश किया जिसमें उन्होंने साफ—साफ कहा कि पीए केयर फंड सरकारी फंड नहीं है। और ना ही इसका पैसा समेकित राशी में जमा होता है।
बता दें कि अदालत सम्यक गंगवाल द्वारा कोर्ट में पीएम ​केयर फंड को लेकर एक याचिका दर्ज की गई थी जिसमें मांग की गई कि इस फंड को स्टेट घोषित करना चाहिए ताकि इसके कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। क्योंकि, इसे 27 मार्च, 2020 को COVID-19 महामारी के दौरान प्रधान मंत्री द्वारा जनता के मद्देनजर भारत के नागरिकों को सहायता प्रदान करने के लिए बनाया गया था।
इसी याचिका के जबाव में पीएम केयर्स फंड के​ सचिव ने दायर एक हलफनामे में कहा गया है कि ट्रस्ट पारदर्शिता के साथ काम करता है और इसके फंड का ऑडिट एक ऑडिटर द्वारा किया जाता है। जोकि भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक द्वारा तैयार चार्टर्ड एकाउंटेंट पैनल होता है।
चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस अमित बंसल की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। और अब अगली सुनवाई 27 सितंबर ​को होनी है।
पीएमओ अवर सचिव प्रदीप कुमार श्रीवास्तव द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है,पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, ट्रस्ट में जितनी भी राशी आती है और उसका क्या उपयोग किया जाता है इस सभी का विवरण ऑडिट रिपोर्ट ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर डाल दी जाती है। उन्होने कहा कि यह धर्मार्थ ट्रस्ट है जिसे संविधान द्वारा या उसके तहत या संसद या किसी राज्य विधानमंडल द्वारा बनाए गए किसी कानून द्वारा नहीं बनाया गया है।