राजस्थान किसान आयोग अध्यक्ष ने सुनी किसानों की समस्याएं
कृषक संवाद कार्यक्रम हुआ संपन्न
ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
बूंदी कोटा राजस्थान
बूंदी,19 नवम्बर। राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष महादेव सिंह खंडेला की अध्यक्षता में शनिवार को हरियाली रिसोर्ट बूंदी में कृषक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित कृषको को संबोधित करते हुए श्री खंडेला ने कहा कि कृषक संवाद कार्यक्रम के आयोजन के पीछे प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का उद्देश्य है कि सभी किसान भाइयों को अपनी समस्याओं को लेकर जयपुर नहीं आना पड़े और उनकी समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर ही हो सके इसके लिए कृषक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हाडौती क्षेत्र राजस्थान का पंजाब है, यहाँ विकास की अपार संभावनाएं है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी किसानों से प्राप्त समस्या, सुझावों को मुख्यमंत्री के ध्यान में लाया जाएगा और आगामी राज्य कृषि बजट में सम्मिलित करवाने की पैरवी की जाएगी। राज्य किसान आयोग अध्यक्ष माननीय महादेव सिंह खंडेला एवं सदस्यों ने सब्जी उत्कृष्टता केंद्र बूंदी का भ्रमण कर विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन भी किया।
कार्यक्रम में किसान प्रतिनिधि हनुमान भाकल, चरणजीत सिंह, लखविंदर सिंह, निखिल जैथलिया, कन्हैया लाल राठौर ,अशोक माहेश्वरी, खुशीराम, बलजीत सिंह, शोभागमल मीना, प्रेम शंकर सैनी, हेमेंद्र सिंह ,आत्माराम बैरवा, मोहन लाल, जसवंत सिंह हाडा, राजाराम मीना आदि किसानों ने कृषि से सम्बंधित समस्याए रखी। संयुक्त निदेशक कृषि डॉ.रामावतार शर्मा एवं संयुक्त निदेशक उद्यान पी. के. गुप्ता ने बूंदी जिले की कृषि परिस्तिथियों के बारे रूबरू करवाते हुए बताया कि बून्दी जिला धान का कटोरा है बून्दी का धान अरब देशों में निर्यात होता है। सब्जी उत्पादन में भी बून्दी राजस्थान में अग्रणी है। यहाँ के उत्पाद के निर्यात को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। क्षेत्र में किसानों को आ रही कृषि समस्याओ एवं उनके सुझाव के लिए कृषको से संवाद किया गया।
संवाद के दौरान किसानों ने कहा कि एमएसपी का सभी किसानों को फायदा नहीं मिल पाता है, अतः राजस्थान में भी भावांतर योजना लागू की जाए। नरेगा को कृषि से जोड़ा जाए ताकि कृषि श्रमिकों की खेती में कमी ना हो। कृषि कनेक्शन में लाइट की आपूर्ति दिन में की जावें तथा कृषि उपयोग के लिए खरीदे गए डीजल पर किसानों को अनुदान दिया जाना चाहिए। कृषि आदानो की आपूर्ति सुनिश्चित की जावें। ताकि किसानों को लाइनों में ना लगना पढ़े। सीएडी क्षेत्र में प्रत्येक ग्राम पंचायत पर कृषि पर्यवेक्षकों के पद सर्जित किए जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान लाभान्वित हो सके। कृषि विभाग एवं उद्यान विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं में लक्ष्यों को बढ़ाया जाए ताकि सभी किसानों को अनुदान मिल सके। ग्रीन हाउस लो टनल संरक्षित खेती में किसानों को तकनीकी जानकारी के लिए उद्यान विभाग एवं कृषि विभाग में शस्य वैज्ञानिक एवं तकनीकी अधिकारी मनोनीत किए जाए।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी उपनिदेशक कृषि विस्तार रतन लाल मीणा, परियोजना निदेशक आत्मा , पी एल मीणा, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ हरीश वर्मा, सब्जी उत्कृष्टता केंद्र प्रभारी दुर्गा लाल मौर्या, उपनिदेशक कृषि शस्य सुभाष चंद शर्मा, उपनिदेशक आई पी एम डॉ दिनेश सिंह, सहायक निदेशक उद्यान डॉ बाबूलाल मीणा, संयुक्त निदेशक पशुपालन कन्हैया लाल वर्मा, परियोजना निदेशक आत्मा सुरेश कुमार मीणा, मत्स्य अधिकारी प्रियंका आचार्य, कृषि अधिकारी राजेंद्र मीणा, शिवराज खींची, प्रकाश यादव, रोशन बिजनिया, मोनिका मीणा आदि उपस्थित रहे। मंच संचालन कृषि अधिकारी राजवीर सिंह द्वारा किया गया।