संवाददाता शिवकुमार शर्मा
कोटा
पूर्व संसदीय सचिव भवानी सिंह राजावत ने कहा है कि वल्लभनगर और धरियावद उपचुनावों में टिकिट वितरण में हाईकमान का आकलन उचित नहीं रहा जिसकी वजह से पार्टी को शर्मनाक हार का मुंह देखना पड़ा, अगर वल्लभनगर में पार्टी अपने ही कार्यकर्ता रहे रणधीर सिंह भींडर या उदयलाल डांगी को और धरियावद में गौतम मीणा के बेटे कन्हैयालाल मीणा को टिकिट दे देती तो दोनों सीटें भाजपा की होती और भाजपा की जगह कांग्रेस की जमानत जब्त हो जाती। हालांकि चुनावों में हार जीत चलती रहती है लेकिन आने वाला समय भाजपा का ही है, इसलिए कार्यकर्ता निराशा छोड़कर कांग्रेस के कुशासन के खिलाफ हमलावर बने रहें।
आज अपने कार्यालय में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि होली दिवाली जैसे बड़े त्यौहारों पर आपस में मिलने जुलने की प्रवृत्ति खत्म होती जा रही है जो घातक है, आधुनिक तकनीकी के उपकरण मोबाईल ने लोगों के आपसी मेलजोल को बहुत प्रभावित किया है, यह सही है कि मोबाईल उपयोगी उपकरण है लेकिन इन त्यौहारों पर इसे कमरे में बन्द करके कार्यकर्ताओं को आपस में मिलना और स्नेह का संचार करना चाहिए। हमारे दिवंगत नेताओं कृष्ण कुमार गोयल, दाऊदयाल जोशी, ललित किशोर चतुर्वेदी, रघुवीर सिंह कौशल, हरिकुमार औदिच्य के यहां इन पर्वों पर उत्साहित कार्यकर्ताओं के रैले उमड़ते थे वहीं आज नेताओं के यहां वीरानी छाई रहती है। इसी प्रकार संघर्ष की प्रवृत्ति भी धीरे धीरे खत्म होती जा रही है, जबकि चाहे हमारा राज हो या न हो अन्याय, जुल्म और अत्याचार के खिलाफ हमें लड़ते रहना पड़ेगा क्योंकि जनता हमसे ही उम्मीद और अपेक्षा करती है और उस पर खरे उतरना हमारा धर्म है, अगर यह लड़ाई लड़ना हमने छोड़ दिया तो अधिकारी वर्ग निरंकुश हो जायेगा। हमारे मार्गदर्शक रहे यह नेता स्कूटर, मोटरसाईकिल पर शहर की गलियों से लेकर गांव की चैपाल तक जनता के सुख दुख में भागीदार रहत थे, आज हमारी पार्टी के नेता लोगों से राम राम करने के बजाय लक्जरी कारों के काले शीशे चढ़ाये घूमते रहते हैं, ऐसी कार्यशैली से जनता दूर होती जायेगी, अब इन हालातों को सुधारने की जरूरत है। यह सत्य है कि आधुनिक तकनीकी उपयोगी है लेकिन पीढ़ियों की परम्परा को संजोना भी जरूरी है। कार्यकर्ता सम्मेलन को पूर्व जिला उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा एवं कोटा स्टोन एसोसियेशन के अध्यक्ष सुरेश मित्तल, मण्डल अध्यक्ष हुकमचन्द शर्मा, मण्डल अध्यक्ष नेमीचन्द नागर, पूर्व मण्डल अध्यक्ष मनीष गालव, मण्डल महामंत्री कमलेश गौतम, भामाशाह मण्डी गोपेश मालव, ओबीसी मोर्चा के प्रेमराज बंजारा, किसान मोर्चा महामंत्री महावीर सुमन, पूर्व मण्डल अध्यक्ष कान सिंह, एससी मोर्चा के पंकज घेंघट, घुमंतु प्रकोष्ठ के प्रदेश मंत्री घासी लुहार, पूर्व पार्षद मधुकंवर हाड़ा, हेमकंवर हाड़ा, वार्ड अध्यक्ष हुकम सिंह, पूर्व वार्ड अध्यक्ष जयराज सिंह आदि ने भी सम्बोधित किया।