जयपुर। कोलकाता नाइट राइडर्स के सनसनीखेज बल्लेबाज रिंकू सिंह ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन के बाद सुर्खियों में बने हुए हैं। बुधवार को केकेआर और लखनउ जायंट्स के बीच खेले गये मैच में रिंकु सिंह ने 15 गेंदों पर 40 रनों की विस्फोटक बल्लेबाजी की। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ जीत के लिए 211 रनों का पीछा करते हुए यह पारी खेली। अंमित ओवर में जब केकेआर को जीतन के लिए 21 रन चाहिए थे जिसमें रिंकु ने दो छक्के और एक चौका जड़ा था। हालांकि रिंकु सिंह अपनी टीम को जीत दिलाने से पहले ही आउट हो गये। जब वे आउट हुए केकेआर को 2 गेंदों पर सिर्फ 3 रनों की जरूरत थी। रिंकु सिंह अंतिम अेावर में मार्कस स्टोइनिस की गेंद पर एविन लुईस को कैच थमा बैठे।
बता दें कि रिंकू सिंह के जीवन की कहानी ऐसी है जिसमें कठिनाइयों, अस्वीकृति, निराशा और दिल टूटने से भरी हुई है। इसके बावजूद भी रिंकु की सफलता एक सीख है।
बाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने कहा कि उनके करियर के पिछले पांच साल चुनौतीपूर्ण रहे, लेकिन चोट के समय में उन्होंने आत्मविश्वास नहीं खोया। अलीगढ़ के बल्लेबाज ने कहा कि उनके पिता ने 2-3 दिनों तक खाना नहीं खाया जब उन्होंने उनकी चोट के बारे में सुना।
"मैं इतने लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहकर खुश नहीं था। मेरे पिता ने 2-3 दिनों तक नहीं खाया। मैंने उनसे कहा कि यह सिर्फ एक चोट है और यह क्रिकेट का हिस्सा है। मैं अपने जीवन का एकमात्र कमाने वाला हूं और कब ऐसी चीजें होती हैं, यह चिंताजनक होना तय है. उन्होनें कहा कि वो 5 साल मेरे लिए वाकई मुश्किल भरे थे। पहले साल के बाद जब मुझे केकेआर के लिए चुना गया और मुझे खेलने का मौका मिला तो मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका। फिर भी, केकेआर ने मुझ पर बहुत भरोसा किया और उन्होंने मुझे अगले कुछ सीज़न के लिए रिटेन किया।"