जयपुर। एक ओर जंहा रूस अपने घातक हथियारों से यूक्रेन में तबाही मचा रहा है, वहीं दूसरी और रूस की अर्थव्यवस्था चौपट होने के आसार लग रहे हैं। यूक्रेन पर हमले के बाद कईं देशों ने विभिन्न प्रकार के प्रतिबंध रूस पर लगा दिये हैं। ये कडे प्रतिबंध रूस की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह चौपट कर सकते हैं। रूस यूक्रेन में अब सैन्य ठिकानों को तबाह करने के साथ साथ रिहायसी इमारतें और स्कूलों को भी निशाना बना रहा है।
यूक्रेन का साथी अमेरिका (America) और यूरोपीय ग्रुप रूस के खिलाफ लगातार प्रतिबंध लगा रहे हैं। रूस को दूनिया को पूरी तरह से अलग-थलग करने की वैश्वक स्तर पर भरपूर कोशिश की जा रही हैं लेकिन इन प्रतिबंधो से भी रूस युद्ध को रोकने के मूड में नहीं दिख रहा है। रूस पर अब तक बैंकिंग, खेल और हवाई क्षेत्र में कडे प्रतिबंध लग चुके हैं।
38 देशों में नहीं उड सकेंगे रूस के हवाई जहाज
यूक्रेन पर हमला करने के कारण दुनिया के लगभग 38 देशों ने रूस को सबक सिखाने के लिए अपनी हवाई सीमा में रूसी विमानों को उडान भरने से प्रतिबंधित कर दिया है। इस प्रतिबंध से रूस का बड़ा नुकसान होने वाला है। बता दें कि दुनिया की कुल एयरलाइंस में रूस का हिस्सा करीब 6 फीसदी माना जाता है। रूस पर लगाये गये हवाई प्रतिबंधों का सीधा असर रूस के उड्डयन विभाग पर पड़ने वाला हैं। साथ ही इसका प्रभाव संबंधित कंपनियों पर पड़ना तय माना जा रहा है।
वित्तीय लेनदेन पर रोक
यूक्रेन पर हमला करने के कारण अमेरिका, ब्रिटेन समेत 11 देशों में कई देशों ने रूस के सरकारी बैकों के वित्तीय लेनदेन पर भी रोक लगा दी है। रूस को SWIFT से अलग-थलग कर दिया गया है।