जयपुर। राष्ट्रीय कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज कांग्रेस के राज्य प्रमुखों की एक मीटिंग ली जिसमें नेताओं को फटकार भी लगाई। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर नेताओं स्पष्टता और तालमेल की कमी है। उन्होंनें कहा कि राज्य प्रमुख अनुशासन और एकता पर ध्यान दें ना कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करें। बता दें कि पार्टी पंजाब और छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे राज्यों में सार्वजनिक अंदरूनी कलह से जूझ रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य स्तर के नेताओं के बीच "स्पष्टता और सामंजस्य की कमी" पर भी टिप्पणी की, जो विभिन्न राज्यों के चुनावों से पहले पार्टी की बड़ी चिंता को दर्शाता है।
सोनिया गांधी ने कहा, "मैं अनुशासन और एकता की सर्वोपरि आवश्यकता पर फिर से जोर देना चाहती हूं। हम में से प्रत्येक के लिए जो महत्वपूर्ण होना चाहिए वह संगठन की मजबूती है। इसे व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को खत्म करना चाहिए। इसमें सामूहिक और व्यक्तिगत सफलता दोनों निहित हैं। बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राहुल गांधी भी शामिल हुए।
सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं से सत्तारूढ़ भाजपा और उसके संरक्षक आरएसएस या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के "शैतानी अभियान" को वैचारिक रूप से लड़ने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा, "अगर हमें यह लड़ाई जीतनी है तो हमें दृढ़ विश्वास के साथ ऐसा करना चाहिए और लोगों के सामने उनके झूठ का पर्दाफाश करना चाहिए।"
सोनिया ने इस मीटिंग में कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी देश के सामने आने वाले मुद्दों पर लगभग हर दिन महत्वपूर्ण और विस्तृत बयान जारी करती है। लेकिन यह मेरा अनुभव है कि वे ब्लॉक और जिला स्तर पर हमारे जमीनी कार्यकर्ताओं तक नहीं पहुंचते हैं। नीतिगत मुद्दे हैं जिस पर मुझे हमारे राज्य स्तर के नेताओं के बीच भी स्पष्टता और सामंजस्य की कमी नजर आती है।"