जयपुर। आज सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल छात्र हित को देखते हुए एक बडा फैसला सुनाया जो निश्चित रूप से लाखों मेडिकल प्रवेश परीक्षा के परिणाम का इंतजार कर रहे छात्रों को राहत देने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) को NEET 2021 का परिणाम जारी करने के लिए कहा है। इस बीच, बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी गई है, जिसके खिलाफ एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की मांग की थी।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट सोलापुर, वैष्णवी भोपाली और अभिषेक शिवाजी के दो उम्मीदवारों के लिए नीट की पुन: परीक्षा के मामले की सुनवाई कर रहा था। और इस सुनवाई के दौरान एनटीए ने स्वीकार किया कि पर्यवेक्षकों द्वारा गलती की गई थी जिसके परिणामस्वरूप 6 उम्मीदवारों की उत्तर पुस्तिकाओं का मिलान नहीं हुआ था। न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और बीआर गवई की पीठ ने कहा, हम 16 लाख छात्रों के परिणामों में देरी नहीं कर सकते। हमें हितों को संतुलित करने की जरूरत है। इसलिए जल्द से जल्द परिणाम जारी किया जाये।
वहीं अदालत ने एनटीए को कहा कि परीक्षा के दिन भ्रम के कारण समय गंवाने वाले दो छात्रों के लिए क्या किया जाए। तो सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने एनटीए की तरफ से बोलते हुए कहा कि अन्य 4 छात्रों ने समान भाग्य का सामना किया और अपने पेपर पूरे किए और अच्छे अंक प्राप्त किए।
पिछले हफ्ते, बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस आरडी धानुका और जस्टिस अभय आहूजा की खंडपीठ ने एनटीए को दो उम्मीदवारों के लिए परीक्षा फिर से आयोजित करने के लिए कहा था। इसने एनटीए से उम्मीदवारों को फिर से परीक्षा और परीक्षा केंद्र की तारीख के बारे में 48 घंटे का अग्रिम नोटिस देने और याचिकाकर्ताओं के परिणाम दो सप्ताह में घोषित करने के लिए भी कहा था।