परिवहनकर्ता की मनमानी से डीलरों का हो रहा है शोषण

संवाददाता विष्णु भारद्वाज

बारां|

45 किलो गेहू का कट्टा डीलर को मिल रहा है 52 किलो में

जिले में राशन के गेहूं के थोक परिवहन एजेन्सी द्वारा राशन डीलरों का जमकर शोषण किया जा रहा है। एक ओर तो जहां किसान का गेहूं 50 किलो के वजन से खरीदा जाता है और प्रत्येक कट्टे पर नेट वेट 50 किलो लिखा हुआ रहता है। आखिर क्या कारण है कि राशन डीलर तक पहुंचते-पहुंचते 50 किलो गेहूं का कट्टा 52 किलो के ऊपर पहुच जाता है और राशन डीलर को बिना तोले ही अपने गोदाम पर खाली करना पडता है। कई कट्टे तो 40-45 किलो के भी परिवहनकर्ता द्वारा 52 किलो वजन का मानतें हुए राशन डीलरों को पहुंचाया जा रहा है। जिले के सैकडों की संख्या में राशन डीलरों के सामने पाॅश मशीन के कारण प्रतिमाह बडी संख्या में गेहूं का स्टाॅक बराबर करने के लिए बाजार से गेहूं खरीदकर स्टाॅक बराबर करने को मजबूर होना पड रहा है।
जिले के कई राशन डीलरों ने जानकारी देते हुए बताया कि थोक परिवहनकर्ता द्वारा निश्चित मात्रा में आने वाला गेहूं टुकडे-टुकडे कर भेजा जाता है। जिस डीलर को पूरे ट्रक की आपूर्ति की जा सकती है उसके यहां भी तीन टुकडे कर गेहूं भिजवाया जा रहा है जबकि एक ट्रक में एफसीआई की पर्ची के तोल के आधार पर पूरा माल भिजवाया जा सकता है। काफी अरसे से जिला मुख्यालय सहित जिले भर में गेहूं आपूर्ति की परम्परा 50 किलो कट्टे को 52 किलो का भिजवाए जाने की परिपाठी बन गई। अगर किसी व्यापारी के 90 क्विंटल गेहूं का आवंटन है तेा उसे सीधे ट्रक नही भिजवाया जाकर 35, 15, 30, 10 इस प्रकार तीन से चार टुकडों में भिजवाया जाता है जिनमें तोल की काफी कमी रहती है। 35 कट्टे गेहूं की पर्ची को 36 क्विटंल गेहू दर्शाकर व्यापारी के यहां भिजवा दिया जाता है। काफी लंबे समय से परिवहनकर्ता द्वारा बारदाना का वजन भी कम नही किया जा रहा। 100 क्विंटल गेहूं पर डेढ से दो क्विंटल गेहूं डीलर के यहां कम पहुंचना आम बात है।
आज भी शहर के कुछ डीलरों ने बताया कि लगतार काफी अरसे से गेहूं कम आने की शिकायत उच्चाधिकारियों को की जा रही है लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही है। मुख्यमंत्री तथा खाद्य विभाग तक शिकायत कर दी है लेकिन राजनीति संरक्षण के हालात जस के तस है और परिवहनकर्ता के हौंसले बुलन्द है। अब तो राशन डीलरों ने इस बारे मे कही सुनवाई नही होने पर भ्रष्टाचार निरोधक विभाग में इसकी शिकायत दर्ज करवाने का मानस बना लिया है। जहां गेहूं व्यापारी के गोदाम तक पहुंचने के समय भ्रष्टाचार निरोधक विभाग के अधिकारियों को बुलाकर तोल का सत्यापन करवाए जाने का निर्णय लिया है।
फोटो संख्या-7 42 किलो का गेहूं कट्टा जिसे 52 किलो में राशन डीलर के यहां पहुंचाया गया।