जयपुर। जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल और वर्तमान मेघालय के राज्यपाल सत्य पाल मलिक ने एक बड़ा दावा किया है। दावे के मुताबिक जब वे जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे तब उन्होंने "अंबानी" और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक अधिकारी के सौदे को मंजूरी देने के बदले 300 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की गई। बता दें कि मलिक को 21 अगस्त, 2018 को जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्हें अक्टूबर 2019 में गोवा स्थानांतरित कर दिया गया था।
वर्तमान में मेघालय के राज्यपाल मलिक ने गुरुवार को ट्विटर पर साझा किए गए एक कथित वीडियो में कहा, "जम्मू-कश्मीर में तैनात होने के तुरंत बाद, दो फाइलें मेरे पास आईं।" एक में, अंबानी शामिल थे, और दूसरे में RSS के एक प्रमुख अधिकारी थे। लेकिन मुझे बताया गया कि इसमें बड़ा घोटाला है तो मैने दोनों फाइल पास नहीं की और सौदे रद्द कर दिये। मलिक ने कहा कि उन्होंने दोनों सौदे रद्द कर दिए हैं। उन्होंने वीडियो में कहा, " उस समय सचिवों ने मुझसे कहा कि आप फाइलों को साफ करने के लिए 150 करोड़ रुपये प्राप्त कर सकते हैं।" मलिक ने सौदागरों से कहा कि मैं पांच कुर्ता-पजामा लेकर आया हूं और उसी के साथ जाऊंगा। बता दें कि रविवार को राजस्थान में एक कार्यक्रम में इस बात का खुलासा किया।
समाचार एजेंसी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल जिन फाइलों का जिक्र कर रहे थे, उनमें से एक पूर्व राज्य में सरकारी कर्मचारियों, पत्रकारों और पेंशनभोगियों के लिए स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी से संबंधित थी।