जयपुर। संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक जनसंख्या के मामले में भारत 2023 में चीन को पीछे छोड देगा। इससे पहले यून का अनुमान था कि भारत की आबादी 2027 में चीन से अधिक हो जायेगी लेकिन अब यह 2023 में ही होने के अनुमान है।
संयुक्त राष्ट्र को उम्मीद है कि वैश्विक जनसंख्या 15 नवंबर को 8 अरब हो जाएगी और 2030 तक बढ़कर 8.5 अरब हो जाएगी। वहीं, वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स 2022 शीर्षक वाली एक रिपोर्ट के अनुसार अब और 2050 के बीच आधे से अधिक अनुमानित वृद्धि सिर्फ आठ देशों में होने की उम्मीद है जिसमें कांगो, मिस्र, इथियोपिया, भारत, नाइजीरिया, पाकिस्तान, फिलीपींस और तंजानिया शामिल हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन को अगले साल की शुरुआत में अपनी आबादी में पूर्ण गिरावट का अनुभव होने की उम्मीद है। एक चीनी अधिकारी ने इस साल की शुरुआत में अनुमान लगाया था कि देश की आबादी 2022 तक चरम पर हो सकती है क्योंकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1950 के दशक के बाद से इसकी 1.41 बिलियन की आबादी सबसे धीमी गति से बढ़ी है। पहले की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि भारत 2027 तक चीन से आगे निकल जाएगा। कम मृत्यु दर और जनसांख्यिकीय परिवर्तन यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि मध्य और दक्षिणी एशिया दुनिया का सबसे बड़ा देश बन जाए।
कम मृत्यु दर और जनसांख्यिकीय परिवर्तन यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि 2037 तक मध्य और दक्षिणी एशिया दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला क्षेत्र बन जाए। उप-सहारा अफ्रीका में संख्या 2040 के दशक के अंत तक लगभग दोगुनी होकर 2 बिलियन को पार कर सकती है। वहीं डेटा के मुताबिक यूरोप और उत्तरी अमेरिका में जनसंख्या वृद्धि दर 2020 और 2021 में लगभग शून्य थी।