गांव के किसान की बेटी रेनू इन्सां ने एशिया व इंडिया बुक आफ रिकार्ड बनाकर किया नाम रोशन

शिवकुमार शर्मा
कोटा |

बेटियों को पढा-लिखाकर अच्छे संस्कार दिये जायें तो बेटियां भी घर-परिवार ही नहीं देश का नाम रोशन करने में पीछे नहीं। जिले के छोटे से गांव पीपल्दा में किसान महावीर इन्सां के घर जन्मी होनहार बेटी रेनू इन्सां ने एशिया व इंडिया बुक आफ रिकार्ड में अपना नाम दर्ज कराकर गांव का ही नहीं जिले का भी नाम रोषन किया। रेनू इन्सां ने दैनिक जीवन के लिए अति महत्वपूर्ण व उपयोगी 247 हेल्थ टिप्स एक ही दिन में लिखकर एषिया व इंडिया बुक आफ रिकार्ड में अपना नाम दर्ज करवाने का गौरव प्राप्त किया। इससे पहले 204 पोस्ट का रिकार्ड था जिसे तोडकर रेनू ने 247 पोस्ट कर रिकार्ड हासिल किया।
रेनु इन्सां ने लिंकडइन एप पर रिकार्ड्स बनाते हुए सबसे ज्यादा 247 स्वस्थ जीवन सम्बंधित पोस्ट की जो रिकॉर्ड बन गई। लिंकडइन एप पर 247 पोस्ट एक दिन में करने पर रेनु इंसा का नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्डस व इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस में दर्ज किया गया। रेनु ने 29 जुलाई को सिर्फ 1 दिन में 247 स्वस्थ जीवन टिप्स पोस्ट की। इन टिप्स में ध्यान, योग, व्यायाम, प्राणायाम, जिम, खेलकूद, आत्मरक्षा सहित अच्छे खान-पान सम्बंधित टिप्स यथा शुद्ध शाकाहारी भोजन व भोजन में दालों व फल सब्जियो के साथ सलाद आदि का सेवन करना भी शामिल किये जो भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोगो को स्वस्थ रहने के उपाय सुझाने का काम करते हैं। एक ही दिन में इस उपलब्धि को अर्जित करने पर 4 अगस्त को रेनु को ईमेल द्वारा रिकार्ड्स बनने की सूचना मिली कि आपका नाम एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स व इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज हो गया है।
एशिया व इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्डस की तरफ से मिले किट
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की तरफ से प्रेशित 20 अगस्त को रेनू को एक किट मिली जिसमें 1 गोल्ड मेडल, 1 बैच, सर्टिफिकेट, 1 बुकलेट, आईकार्ड, 1 पैन व कार स्टीकर रेनु इंसा के पास भेजा गया। दूसरा किट 21 को अगस्त मिला जिसमे एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स की तरफ से 1 मैडल, 1 बुकलेट,1 पेन, सर्टिफिकेट, बैच व 1 कार स्टिकर भेजा गया जिसको पाकर रेनु व परिवार के सदस्यों की खुषी का ठिकाना नहीं रहा।
बेटी होने पर गर्व -

रेनु इन्सां के पिता महावीर इन्सां व माता मंजू इन्सां बेटी की इस उपलब्धि से बहुत खुश व अपनी बेटी पर गर्व महसूस कर रहे हैं। बेटी पढ़ाई में अव्वल होने के साथ जिला खिलाड़ी, राज्य खिलाड़ी, राष्ट्रीय खिलाड़ी भी है और वर्तमान में शारीरिक शिक्षा में मास्ट्रेट की डिग्री कर रही है। रेनू सोशल मीडिया पर भी एक्टिव है रहकर सकारात्मक प्रेरणादायक पोस्ट करती है जिससे लोगो में जागरूकता पैदा हो। सोशल मीडिया का सदुपयोग करते हुए रेनू ने एक नही बल्कि दो रिकार्ड्स अपने नाम किए है। रेनु के माता पिता का कहना है कि बेटियो को पढ़ा लिखाकर अच्छे संस्कार दिए जाए तो वो भी देश का नाम रोशन कर सकती है।
रेनू ने अपने गुरू एमएसजी को दिया श्रेय
रेनू इन्सां का कहना है कि आत्मबल सफलता की कुंजी होती है और यह आत्मबल उसे अपने गुरू डॉ. संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां से मिला है। उनके द्वारा दिये गये गुरूमंत्र का जाप करने से उसका आत्मबल मजबूत हुआ और वह गुरूमंत्र का जाप कर आगे बढती चली गई। रेनु बताती है कि अपने आद्यत्मिक गुरु जी की पावन प्रेरणा पर चलते हुए नेकी भलाई के कार्याे की पोस्ट करने के लिए उसने जून 2017 में सोशल मीडिया पर काम किया तब से लेकर वह समाज में जागरूकता लाने का कार्य कर रही है। इस उपलब्धि का सारा श्रेय अपने पूजनीय गुरुजी को देते हुए वह बताती है कि उसने पोस्ट करने से पहले व बाद में गुरुजी द्वारा दिए गए गुरुमंत्र का जाप किया जिससे उसका आत्मबल चरम सीमा पर पहुँच गया व आत्मबल बढ़ने की वजह से रेनू इस उपलब्धि को हासिल करने में सफल हुई। रेनू को अपने गुरु पर गर्व है व खुद को उनकी शिष्या होने पर गौरवान्वित महसूस करती है। वह अपने माता पिता की भी ऋणी है जिन्होंने उसको इतने महान गुरु से मिलवाया व पढ़ाया लिखाया । रेनू स्वंय भी हैल्थ टिप्स को अपनाकर स्वस व तनावमुक्त जीवन जी रही है।