जेल जायेंगे व्लादिमीर पुतिन.. ! अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट
जयपुर। अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय ने शुक्रवार को यूक्रेनी बच्चों को अवैध रूप से निर्वासित करने के युद्ध अपराध के आरोप में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। हेग स्थित आईसीसी ने कहा कि उसने इसी तरह के आरोपों में बच्चों के अधिकारों के लिए रूस की राष्ट्रपति आयुक्त मारिया लावोवा-बेलोवा के खिलाफ भी वारंट जारी किया था। वहीं, मास्को ने आदेशों को "शून्य" कहकर खारिज कर दिया। हालांकि रूस आईसीसी का एक पक्ष नहीं है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं था कि पुतिन कभी कटघरे में आ सकते हैं या नहीं।
वहीं, दसरी तरफ युद्ध से पीड़ित यूक्रेन ने ICC के इस फैसले का स्वागत किया, राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने आईसीजे के इस निर्णय को "ऐतिहासिक निर्णय" बताया।
कीव के अनुसार, 24 फरवरी, 2022 के आक्रमण के बाद से 16,000 से अधिक यूक्रेनी बच्चों को रूस भेज दिया गया है, जिनमें से कई को कथित रूप से संस्थानों और पालक घरों में रखा गया है। आईसीसी के अभियोजक करीम खान ने एएफपी को बताया कि अगर पुतिन अदालत के 120 से अधिक सदस्य देशों में से किसी में भी पैर रखते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी वारंट "फॉरेंसिक साक्ष्य, जांच और उन दो व्यक्तियों की गवाही के आधार पर जारी किया गया है।
खान ने कहा, "हमने जो सबूत पेश किए, वे बच्चों के खिलाफ अपराधों पर केंद्रित थे। बच्चे हमारे समाज का सबसे कमजोर हिस्सा हैं।" आईसीसी ने कहा कि न्यायाधीशों ने पाया कि पुतिन की आपराधिक जिम्मेदारी पर संदेह करने और वारंट के लिए खान के आवेदन को स्वीकार करने के लिए "उचित आधार" थे, जिन्हें 22 फरवरी को वापस कर दिया गया था। आईसीसी के अध्यक्ष पिओटर हॉफमांस्की ने कहा कि वारंट का निष्पादन "अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर निर्भर करता है"।