जयपुर। आर्थिक संकट से गुजर रहे श्रीलंका में आपातकाल जारी है। इस बीच में श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनने के लिए वोटिंग होने वाली है। वोटिंग से पहले विपक्ष के नेता साजिथ प्रेमदासा ने भारत से अनुरोध किया है कि वह इस द्वीपीय राष्ट्र का समर्थन करते रहें, भले ही शीर्ष पद के लिए कोई भी चुने।
श्रीलंका के विपक्षी दल समागी जाना बालवेगया के नेता प्रेमदासा ने कल शाम ट्वीट किया, "चाहे जो भी कल श्रीलंका का राष्ट्रपति बने, यह मेरा माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi, सभी राजनीतिक दलों से विनम्र और विनम्र अनुरोध है। भारत और भारत के लोगों को इस आपदा से बाहर आने के लिए मां लंका और यहां के लोगों की मदद करते रहना चाहिए।"
बता दें कि श्रीलंका बड़े पैमाने पर आर्थिक संकट के बीच में है, इसकी 22 मिलियन आबादी अन्य आवश्यक चीजों के साथ भोजन और ईंधन की गंभीर कमी का सामना कर रही है।
संकट को लेकर महीनों तक सड़कों पर चले विरोध प्रदर्शन ने पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को पिछले सप्ताह इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया। राजपक्षे और उनके परिवार के सदस्यों, जिनमें से कई उनकी सरकार में थे, पर देश की अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन का आरोप लगाया गया, जिससे यह बड़ा संकट पैदा हुआ।
विश्लेषकों का कहना है कि तीन-तरफा मुकाबले में सबसे आगे रानिल विक्रमसिंघे हैं, जो छह बार के पूर्व प्रधान मंत्री हैं, जो अपने पूर्ववर्ती के इस्तीफा देने के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति बने, लेकिन प्रदर्शनकारियों द्वारा तिरस्कृत हैं जो उन्हें राजपक्षे के सहयोगी के रूप में देखते हैं।
वोट में उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी एसएलपीपी असंतुष्ट और पूर्व शिक्षा मंत्री दुल्लास अलहप्परुमा होंगे, जो एक पूर्व पत्रकार हैं, जिन्हें विपक्ष का समर्थन प्राप्त है। अलहप्परुमा ने इस सप्ताह "हमारे इतिहास में पहली बार एक वास्तविक सहमति वाली सरकार" बनाने का संकल्प लिया।